छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: शिक्षक पद पर संविलयन से पहले की सेवा भी पेंशन में जोड़ी जाएगी

Chhattisgarh high court

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट (Chhattisgarh High Court) ने शिक्षकों के हित में बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि संविलयन से पहले की सेवा अवधि को भी पेंशन निर्धारण में शामिल किया जाएगा। कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया है और स्पष्ट किया है कि पेंशन का निर्धारण कर्मचारी के पूरे सेवा काल को जोड़कर किया जाना चाहिए।

यह मामला चिरमिरी के शिक्षक राजेंद्र प्रसाद से जुड़ा हुआ था। पहले इस मामले में हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने शिक्षक के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके खिलाफ राज्य सरकार ने डिवीजन बेंच में अपील दायर की थी।

डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले को सही ठहराते हुए राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि पेंशन का निर्धारण करते समय कर्मचारी की पूरी सेवा अवधि को ध्यान में रखा जाना चाहिए, चाहे वह संविलयन से पहले की ही क्यों न हो।

माना जा रहा है कि हाईकोर्ट का यह फैसला प्रदेश के हजारों एलबी संवर्ग के शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण नजीर साबित होगा। इससे उन शिक्षकों को भी राहत मिलने की संभावना है, जिनकी संविलयन से पहले की सेवा अवधि को पेंशन में शामिल नहीं किया जा रहा था।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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