रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा (CG Vidhansabha) का पांच दिवसीय मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। 17 जुलाई तक चलने वाले इस सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में होने वाले इस सत्र में कुल 5 बैठकें आयोजित होंगी। कांग्रेस इस बार सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी ला सकती है।
इस बार सत्र के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने 996 प्रश्न लगाए हैं। इनमें 492 तारांकित और शेष 504 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। इन सवालों के जरिए विभिन्न विभागों की योजनाओं, कार्यों और नीतियों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार मानसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधायी और शासकीय कार्य सदन में ला सकती है। सूत्रों के अनुसार, इस बार अनुपूरक बजट पेश होने की संभावना कम है और सरकार का फोकस विभागीय कार्यों तथा विधायी प्रस्तावों पर रहेगा।
सत्र के अंतिम दिन अशासकीय कार्य के तहत निजी सदस्यों के संकल्प और निजी विधेयकों पर भी चर्चा होगी।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सरकार को घेरने की रणनीति बनी
मानसून सत्र से शुरू होने से एक दिन पहले रविवार को नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई।
कांग्रेस ने मानसून सत्र में कई जनहित और राजनीतिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का फैसला किया है। इनमें प्रमुख रूप से नकटी गांव में हुई तोड़फोड़ और विस्थापन का मामला, कोरिया जिले में तीन लोगों को जिंदा जलाए जाने की घटना और कानून-व्यवस्था, स्कूलों में मंत्र-पाठ को लेकर विवाद, किसानों की समस्याएं और खरीफ सीजन की स्थिति, बारिश और बाढ़ से निपटने की सरकारी तैयारियां और शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
विधानसभा का यह मानसून सत्र राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। एक ओर सरकार अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को सदन में रखेगी, वहीं कांग्रेस कानून-व्यवस्था, किसानों, शिक्षा, स्वास्थ्य और नकटी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में पांच दिनों तक सदन के भीतर तीखी बहस और हंगामे के आसार बने हुए हैं।











