भारत को मजबूत बनाने के लिए लोहिया की हिमालय नीति पर अमल जरूरी: रघु ठाकुर

March 23, 2026 5:02 PM

CG NEWS : प्रसिद्ध समाजवादी नेता और चिंतक रघु ठाकुर ने कहा कि भारत को शक्तिशाली बनाने के लिए 1963 के संसदीय संकल्प को इच्छाशक्ति के साथ पूरा करना होगा। उन्होंने डॉ. राममनोहर लोहिया की हिमालय नीति को याद करते हुए कहा कि शांति के समय पड़ोसियों से अच्छे संबंध रखने और सीमा अतिक्रमण के समय मजबूत रुख अपनाने की जरूरत है। लोहिया ने पड़ोसियों को ‘भाई हिमालय’ कहा था और चीन के साम्राज्यवादी इरादों की आलोचना की थी।

रघु ठाकुर ने वर्तमान सरकार द्वारा हिमालय क्षेत्र में रेल और सड़कों के विस्तार की सराहना की, लेकिन पूछा कि क्या हमारी सामरिक और आर्थिक क्षमता खोई जमीन वापस लेने के लिए पर्याप्त है।यह विचार रायपुर के वृन्दावन हॉल में आयोजित एक गोष्ठी में व्यक्त किए गए, जहां अशोक पंकज की लिखी पुस्तक ‘डॉ. लोहिया की भारत की हिमालय नीति’ का विमोचन हुआ।

रघु ठाकुर ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि एक दिन का युद्ध भी 18-20 हजार करोड़ रुपये का खर्चा करता है, इसलिए हमें अपनी ताकत का सही आकलन करना चाहिए। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दयाल, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति जगदीश उपासने और पूर्व संभागायुक्त डॉ. संजय अलंग ने भी विचार रखे। प्रो. दयाल ने लोहिया की फलों की खेती से हिमालयी क्षेत्र को समृद्ध बनाने की सोच को महत्वपूर्ण बताया।

जगदीश उपासने ने डॉ. लोहिया को ऋषि की तरह याद किया और हिमालय के लिए अलग मंत्रालय बनाने की उनकी मांग को दोहराया। डॉ. संजय अलंग ने कहा कि लोहिया सांस्कृतिक एकता और रोजगार से क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने की बात करते थे। उन्होंने अरुणाचल में कीवी की खेती का उदाहरण देते हुए कहा कि लोहिया फलों से लदा हिमालय चाहते थे।

परिचर्चा का संचालन पत्रकार जयंत सिंह तोमर ने किया और धन्यवाद ज्ञापन जावेद उस्मानी ने दिया।गोष्ठी में पूर्व सांसद चंद्रशेखर साहू, पुरातत्वविद राहुल सिंह, साहित्यकार गिरीश पंकज, श्रमिक नेता एचएस मिश्रा, पूर्व विधायक गुरुदयाल बंजारे सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। हॉल खचाखच भरा था और बाहर भी लोग खड़े होकर कार्यक्रम सुनते रहे। आयोजकों ने पुस्तक को सभी क्षेत्रों में पढ़ाने की अपील की।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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