कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के नए कुलपति डॉ. मनोज दयाल की नियुक्ति पर उठे सवाल, राष्ट्रपति,राज्यपाल,UGC को भेजी शिकायत

CG NEWS: छत्तीसगढ़ के कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (रायपुर) में फरवरी 2026 में प्रोफेसर डॉ. मनोज दयाल को कुलपति पद पर नियुक्त किए जाने के बाद अब उनकी शैक्षणिक योग्यता और पिछली नियुक्तियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चंडीगढ़ निवासी डॉ. आशुतोष मिश्रा ने राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), शिक्षा मंत्रालय और छत्तीसगढ़ राज्यपाल सहित कई उच्च पदाधिकारियों को ईमेल भेजकर इस मामले की जांच की मांग की है। डॉ. मिश्रा ने अपने ईमेल में दावा किया है कि डॉ. मनोज दयाल की नियुक्ति और उनकी पूर्व सेवाएं UGC के नियमों का पालन नहीं करतीं। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. दयाल ने मास्टर डिग्री और UGC-NET जैसी अनिवार्य योग्यताओं के बिना ही 1989 से विभिन्न विश्वविद्यालयों में लेक्चरर, सीनियर लेक्चरर और रीडर जैसे पदों पर काम किया

क्या हैं मुख्य आरोप ?

डॉ. दयाल के सीवी में डिग्रियों के वर्ष स्पष्ट नहीं बताए गए हैं। उन्होंने पत्रकारिता/मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री काफी बाद में (लगभग 2000 के आसपास) हासिल की। UGC नियमों के मुताबिक, लेक्चरर पद के लिए मास्टर डिग्री और NET अनिवार्य था, लेकिन यह पालन नहीं हुआ। रीडर पद के लिए जरूरी 8 साल का अनुभव भी पूरा नहीं था।

डॉ. दयाल ने इन संस्थानों में काम किया है – देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर , इलाहाबाद विश्वविद्यालय, असम विश्वविद्यालय सिलचर,गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय हिसार, चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय सिरसा , दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय गया |

शिकायतकर्ता का कहना है कि इन सभी नियुक्तियों में अनियमितता बरती गई है। डॉ. आशुतोष मिश्रा ने मांग की है कि मामले की तेजी से और समयबद्ध जांच हो। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो डॉ. मनोज दयाल को कुलपति पद से हटाया जाए। उनकी पिछली सेवाओं से जुड़े लाभ रोके जाएं। चयन समितियों पर भी कार्रवाई की जाए।

कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय या डॉ. मनोज दयाल की ओर से अभी तक इस शिकायत पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। राज्यपाल रामेन डेका ने फरवरी 2026 में डॉ. दयाल की नियुक्ति की थी। बहरहाल ये सभी आरोप अभी जांच के अधीन हैं।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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