प्रदर्शनकारियों का आरोप— प्रशासन ने मदद से किया इनकार, कहा: नियुक्ति दो या इच्छा मृत्यु
रायपुर। छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) 2018 भर्ती की प्रतीक्षा सूची में शामिल 417 अभ्यर्थियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। पिछले 28 दिनों से नया रायपुर के तूता इलाके में धरना दे रहे अभ्यर्थियों के आंदोलन के दौरान शनिवार को एक गंभीर घटना सामने आई, जब धरने पर बैठी एक युवती की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने प्रशासन से एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन प्रशासन ने असमर्थता जताते हुए एम्बुलेंस देने से इनकार कर दिया। इसके बाद मजबूर होकर अभ्यर्थियों ने अपनी बेहोश साथी को कंधे पर उठाकर करीब 6 किलोमीटर पैदल चलकर अस्पताल पहुंचाया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि शांतिपूर्ण धरने के बावजूद प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, अगर समय रहते चिकित्सा सहायता मिल जाती तो इस तरह की अमानवीय स्थिति पैदा नहीं होती।
अभनपुर अस्पताल में भर्ती बेहोश होने वाली अभ्यर्थी चांदनी सोनवानी से जब द लेंस ने बात की। चांदनी ने कहा कि 10 सालों से भी ज्यादा समय से हम वर्दी के इंतजार में है और मेहनत कर रहे हैं। अगर नौकरी नहीं मिलेगी तो हमारे पास धरना देने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचता।
मौके पर पहुंचकर जब द लेंस ने धरना स्थल पर अभ्यर्थियों से बात की, तो सभी ने एक स्वर में कहा, ‘या तो हमें नियुक्ति दी जाए, या फिर हमें इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए।’
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे सभी चयन प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं और प्रतीक्षा सूची में होने के बावजूद वर्षों से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। इस दौरान उनकी उम्र निकलती जा रही है, आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है और मानसिक तनाव लगातार बढ़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन बार-बार आश्वासन देकर मामला टाल रहे हैं, लेकिन ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा। उनका कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
फिलहाल, इस घटना के बाद धरना स्थल पर माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द कोई फैसला नहीं लिया, तो इसके लिए पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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