BJP Vs TMC Over President Murmu Trip : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर सियासी तनाव चरम पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति 7 मार्च को सिलीगुड़ी में 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में शामिल होने पहुंची थीं लेकिन कार्यक्रम स्थल को आखिरी समय में बिधाननगर से बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोशाईपुर में बदल दिया गया जिससे कई आदिवासी लोग नहीं पहुंच सके। राष्ट्रपति ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे राज्य सरकार आदिवासियों का भला नहीं चाहती और उन्हें आने से रोका गया। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को छोटी बहन जैसा बताते हुए कहा कि न तो सीएम और न ही कोई मंत्री उन्हें रिसीव करने आए जबकि प्रोटोकॉल के अनुसार ऐसा होना चाहिए था।
राष्ट्रपति ने कार्यक्रम स्थल छोटा होने और लोगों के पहुंचने में मुश्किल पर भी सवाल उठाया। केंद्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया और गृह सचिव गोविंद मोहन ने पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में चार मुख्य मुद्दे उठाए गए हैं, राष्ट्रपति को रिसीव और विदा करने के लिए सीएम, मुख्य सचिव और डीजीपी क्यों मौजूद नहीं थे? राष्ट्रपति के लिए तैयार वॉशरूम में पानी नहीं था? चुना गया रास्ता कचरे से भरा था? और दार्जिलिंग के डीएम, सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नर तथा एडीएम के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई? इस खबर को लिखे जाने तक रिपोर्ट का जवाब नहीं मिला है।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे शर्मनाक बताया कहा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और टीएमसी सरकार ने सीमा पार कर दी है। उन्होंने X पर पोस्ट कर कहा कि बंगाल की जनता टीएमसी को माफ नहीं करेगी। ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर पलटवार करते हुए कहा कि यह कोई राज्य सरकार का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि प्राइवेट संगठन ने आयोजित किया था और उन्होंने पहले ही लेटर में अपनी असमर्थता जताई थी उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल का कोई उल्लंघन नहीं हुआ, सिलीगुड़ी मेयर, डीएम और पुलिस कमिश्नर मौजूद थे। वॉशरूम और ग्रीन रूम एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के क्षेत्र में थे।
इधर ममता ने एक पुरानी तस्वीर का हवाला देकर पीएम मोदी पर सवाल उठाया कि जब राष्ट्रपति खड़ी थीं तो वे क्यों बैठे थे और आरोप लगाया कि बीजेपी राष्ट्रपति का इस्तेमाल कर बंगाल को बदनाम कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले ही पीएम बंगाल पर हमला करते हैं और आदिवासी समुदायों की बात सिर्फ वोट के लिए करते हैं। ममता ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं और आदिवासियों के सम्मान की बात की और कहा कि राज्य सरकार संविधान और हर सम्मानजनक पद का सम्मान करती है। यह विवाद राज्य में आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल को और गरमा रहा है।










