प्रणव रॉय और राधिका को दी गई इनकम टैक्स की नोटिस रद्द, विभाग पर दो लाख का जुर्माना

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने एनडीटीवी के संस्थापकों प्रणव रॉय (Pranab Roy) और राधिका रॉय को जारी किए गए आयकर पुनर्मूल्यांकन नोटिस को रद्द कर दिया है। ये नोटिस समाचार नेटवर्क के प्रमोटर समूह आरआरपीआर होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित एक लेनदेन के सिलसिले में जारी किए गए थे।

पीठ ने कर अधिकारियों पर 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया और निर्देश दिया कि प्रत्येक याचिकाकर्ता को 1 लाख रुपये का भुगतान किया जाए। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सचित जॉली ने तर्क दिया कि कर अधिकारियों ने पहले जुलाई 2011 में मामले को फिर से खोला था, जिसके परिणामस्वरूप मार्च 2013 में पुनर्मूल्यांकन आदेश जारी किया गया था।

न्यायमूर्ति दिनेश मेहता और विनोद कुमार की खंडपीठ ने कहा कि आरआरपीआर होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड को दिए गए ब्याज मुक्त ऋणों की पुन: जांच करने का विभाग का प्रयास अनुचित था क्योंकि इन्हीं लेन-देन की जांच पहले ही एक पूर्व मूल्यांकन चक्र में की जा चुकी थी।

नवंबर 2017 में रॉय परिवार ने पुनर्मूल्यांकन नोटिस को इस आधार पर चुनौती दी कि समान मुद्दों पर आकलन को फिर से खोलना आयकर अधिनियम के तहत एक अस्वीकार्य ‘राय में परिवर्तन’ के बराबर है।
पीठ ने रॉय परिवार से सहमति जताते हुए कहा कि विभाग पहले के पुनर्मूल्यांकन के पूरा होने के बाद अलग दृष्टिकोण नहीं अपना सकता है और तदनुसार याचिका को स्वीकार कर लिया।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now