राज्य सूचना आयुक्त की चयन प्रक्रिया पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की रोक

Chhattisgarh High Court decision

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सूचना आयुक्त की चयन प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। चयन प्रक्रिया के बीच में सरकार की तरफ से 25 वर्ष के कार्य अनुभव की शर्तें लागू करने की वजह से रोक लगाई है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस संजय जायसवाल की सिंगल बेंच ने इस पर फैसला दिया है। एक दिन पहले 28 मई को ही राज्य सूचना आयुक्त के दो पदों के लिए 51 आवेदकों ने इंटरव्यू दिया था। लेकिन, अब हाईकोर्ट से रोक लगने की वजह से इसका रिजल्ट जारी नहीं हो सकेगा।

याचिकाकर्ता के वकील शरद मिश्रा ने thelens.in को बताया कि कोर्ट ने चयन प्रक्रिया के बीच कार्य अनुभव की शर्तें लागू करना गलत माना है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगाई है। 9 जून को अगली सुनवाई के बाद ही इस पर आगे निर्णय लिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य सूचना आयुक्त के दो पदों के लिए चयन प्रक्रिया ने विज्ञापन निकाला था। चयन प्रक्रिया के बीच में 9 मई को 25 वर्ष के कार्य अनुभव की शर्त लागू की गई थी। इंटरव्यू से पहले इस शर्त को शामिल करने के खिलाफ तीन याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट में 29 मई को इस पर सुनवाई हुई।

याचिकाकर्ताओं की तरफ से एडवोकेट शरद मिश्रा, प्रसुन्न अग्रवाल और सिद्धार्थ तिवारी ने चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। शासन की तरफ से गवर्नमेंट एडवोकेट शैलजा तिवारी और अंकुर कश्यप ने पक्ष रखा। दोनों ही पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस संजय जायसवाल ने अगली सुनवाई 9 जून तक चयन प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।

राज्य सूचना आयुक्त के दो पदों के लिए अधिसूचना दिनांक 4 मार्च को जारी की गई थी। इसका विधिवत प्रकाशन सभी समाचार पत्रों में भी दिया गया था एवं सामान्य प्रशासन विभाग की वेबसाइट पर विज्ञापन भी अपलोड किया गया था।

4 मार्च को विज्ञापन के बाद आवेदन 19 मार्च तक मंगाए गए थे। इसमें अनुभव के वर्षों को लेकर कोई भी नियम उल्लिखित नहीं था। लेकिन, इंटरव्यू के लिए 9 मई को जारी पत्र में सर्च कमेटी ने विधि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, समाज सेवा, प्रबंधन, पत्रकारिता जनसंपर्क या प्रशासन में 25 वर्ष या उससे अधिक का अनुभव का उल्लेख किया है।

बता दें कि आवेदन के अंतिम समय तक 231 आवेदनपत्र 172 आवेदकों की तरफ से आए थे। 25 वर्ष का अनुभव अनिवार्य किए जाने की वजह से 172 आवेदन कर्ता में से सिर्फ 51 आवेदक ही पात्र हो सके। कार्य अनुभव की शर्तें लागू करने के बाद ही तीन याचिकाकर्ता अनिल तिवारी, डीके सोनी और राजेंद्र उपाध्याय ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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