नई दिल्ली। भारत में देशव्यापी (E20 Petrol) को अपनाए एक साल से अधिक समय बीत चुका है, जिसमें 2030 की समय सीमा से बहुत पहले 20 प्रतिशत एथनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य पूरा कर लिया गया। लेकिन भूटान ने साफ कह दिया है कि वो भारत से E20 पेट्रोल आयात करने वाला नहीं है, कम से कम निकट भविष्य में नहीं।
देश के डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेड ने पिछले सप्ताह स्पष्ट करते हुए कहा है कि भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) E20 पेट्रोल की सप्लाई की पेशकश कर रही हैं, लेकिन भूटान ने अब तक इसका विरोध किया है।
भूटान E20 ईंधन आयात क्यों नहीं करना चाहता
रिपोर्ट में भारत में आलोचकों द्वारा उठाई गई चिंताओं का जिक्र किया गया, जिसमें वाहनों का ब्रेकडाउन और कम माइलेज शामिल है।इसमें डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेड के हवाले से कहा गया कि सामान्य MS (पेट्रोल) के विपरीत, एथनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल में हाइड्रॉक्सिल (-OH) ग्रुप होता है, जो इसे हाइग्रोस्कोपिक (नमी सोखने वाला) बनाता है। यानी यह आसानी से पानी को अवशोषित और मिश्रित कर लेता है।
एक बार जब पानी एथनॉल-ब्लेंडेड ईंधन में मिल जाता है, तो पानी और ईंधन को आसानी से अलग नहीं किया जा सकता, जिससे ईंधन की गुणवत्ता और वाहन के प्रदर्शन पर असर पड़ता है।
पुराने ईंधन टैंकों का दिया उदाहरण
इसके अलावा, ईंधन डीलरों द्वारा रखे गए भूमिगत स्टोरेज टैंकों की मौजूदा स्थिति और गुणवत्ता को देखते हुए, एथनॉल-ब्लेंडेड ईंधन के आयात और हैंडलिंग से ईंधन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और दूषित होने से बचाने में चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। एक अधिकारी ने मीडिया आउटलेट को बताया कि भूटान के कई ईंधन टैंक बहुत पुराने हैं। उनकी उम्र और हिमालयी इलाके को देखते हुए, ईंधन टैंकों में पानी के हल्के रिसाव की उम्मीद है।
अधिकारी ने कहा कि अगर ऐसे टैंकों में E20 स्टोर किया गया तो ईंधन का एथनॉल घटक पानी सोख लेगा, जिससे ईंधन पतला हो जाएगा और उसकी रासायनिक संरचना बदल जाएगी।अधिकारी ने आगे कहा कि ऐसी स्थिति में इंजन में बड़ी समस्या होने की अधिक संभावना है और वाहन चलना भी बंद हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह जल्द ही सार्वजनिक मुद्दा बन जाएगा
पहाड़ी इलाकों के लिए अनुपयुक्त
देश के सबसे बड़े ईंधन डिस्ट्रीब्यूटर के एक अधिकारी ने भी कहा कि फिलहाल भूटान के ईंधन स्टेशनों में पानी के रिसाव के कारण एथनॉल को हैंडल नहीं किया जा सकता, जो ईंधन को नष्ट कर देगा।उन्होंने आगे दावा किया कि E20 पहाड़ी इलाकों जैसे भूटान के लिए खासतौर पर अनुपयुक्त है, क्योंकि यहां भूजल और रिसाव की समस्या है।इन चिंताओं के बिना भी, पहाड़ों पर वाहनों को अधिक पावर की जरूरत पड़ती है और E20 इष्टतम प्रदर्शन नहीं देगा।
सामान्य पेट्रोल की सप्लाई का अनुरोध
विभाग ने आगे बताया कि इन चिंताओं को देखते हुए, भारत की पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स से तकनीकी बैठकों में अनुरोध किया गया कि जब तक भारतीय बाजार में सामान्य पेट्रोल उपलब्ध है, तब तक भूटान को वही सप्लाई किया जाए। बयान में कहा गया कि अगर भारत उच्च स्तर की एथनॉल ब्लेंडिंग पर स्विच कर ले या अंततः पूर्ण एथनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल अपना ले, तो भी भूटान ने अग्रिम सूचना दिए जाने का अनुरोध किया है।











