छत्तीसगढ़ में बीएड-डीएड अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, अनिश्चितकालीन आंदोलन का आगाज

Bed Ded Protest

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती के लिए बीएड-डीएड अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ रविवार से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया है। इनकी मांग है कि सरकार 57 हजार पदों पर शिक्षकों की भर्ती शुरू करे। अभ्यर्थियों का कहना है कि भाजपा ने सरकार बनने से पहले घोषणा पत्र में यह वादा किया था कि सरकार बनने के बाद 57 हजार पदों पर शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। लेकिन सरकार बने डेढ साल से ज्यादा का समय बीत गया सरकार ने भर्ती शुरू नहीं की। Bed Ded Protest

दरअसल शिक्षक भर्ती को लेकर तत्कालीन शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने भी विधानसभा में 33 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की थी। यह प्रक्रिया भी ठंडे बस्ते में है। इसे लेकर बीएड-डीएड अभ्यर्थियों में आक्रोश है। इस आंदोलन से पहले भी अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था।

मुंगेली जिले से आई एक अभ्यर्थी ने कही कि मैं शिक्षक भर्ती के लिए यहां आई हूं और आंदोलन पर बैठी हूं। सरकार ने स्कूलों का युक्तियुक्तकरण कर दिया है। उसी प्रकार मंत्रियों का भी युक्तिकरण करना चाहिए। जैसे मुख्यमंत्री हैं तो बाकी मंत्रियों का कोई काम नहीं है। तो उनका युक्तियुक्तकरण कर देना चाहिए। इससे वित्तीय भार कम हो जाएगा। शिक्षकों से ज्यादा खर्चा मंत्रियों और विधायकों पर होता है।

दुर्ग जिले से आई एक अभ्यर्थी ने कहा कि हम लोग जॉब के पीछे भाग रहे हैं। लेकिन, हमारे गवर्नमेंट यह चाह रही है कि हमारे छत्तीसगढ़ के जो युवा हैं वह दारू पीके पड़े रहे रोड पर और आगे ना बढ़े। इसलिए स्कूलों को भी बंद कर रहे हैं। सरकार प्राइवेट स्कूलों को प्रमोट करना चाह रही है। हम गरीब बच्चे हैं। इतना पढ़कर बैठे हैं। हमारे माता-पिता यह सोच कर बैठे हैं कि हमारे बच्चे पढ़ाई करेंगे, सरकारी नौकरी करेंगे। लेकिन, युक्तिकरण कर दिया गया है। हमारे छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ते देखना ही नहीं चाहते हैं। जब हमको हमारे सरकारी स्कूलों को प्रमोट करने ही नहीं दे रहे हैं। तो हमारे बच्चे कहां से प्रमोट हो पाएंगे। हमको 37 से सीधा फर्स्ट रैंक में लाना है। लेकिन, वह गवर्नमेंट नहीं चाह रही है। वह यह चाह रही है कि हमारा जो छत्तीसगढ़ है वह धान का कटोरा बना रहे, फ्री में खाएं, फ्री में दारू पीते रहे और वहीं जाए।

एक अभ्यर्थी ने कहा कि मैं अपना बैग लेकर घर से बाहर आ गया हूं। घर वालों को भी तकलीफ हो रही है। कौन बोलता है कि लड़के रो नहीं देते हैं। हम बहुत ज्यादा परेशान हैं। मैं 2024 में बीएड पास किया टेट पास कर लिया, कि भर्ती पास आने को है। इन्होंने वादा किया, हमने वोट दिया। इसके बाद जो जुमलेबाजी हुआ है की भर्ती आ ही नहीं रही है। मेरी उम्र 25 साल है और मैं इस उम्र में कुछ नहीं करूंगा तो घर वालों के ताने सुनने पड़ते हैं। हमारी एक ही उम्मीद थी शिक्षा भर्ती। अगर यह भी पूरी नहीं होगी तो हम कहां जाएंगे।

नितिन मिश्रा

नितिन मिश्रा फ्रीलांस जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 3 वर्षों का अनुभव है। रायपुर में 2023 से द सूत्र में रिपोर्टर के तौर पर काम किया है। इस दौरान क्राइम, राजनीति, नगर निगम, आंदोलन और जनहित से जुड़ी खबरें की। द सूत्र के बाद सैटेलाइट चैनल TV 24 और ASIAN NEWS में काम किया। इस दौरान नितिन मिश्रा ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, कल्‍चरल, स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज, डिफेंस और ग्राउंड जीरो से रिपोर्टिंग की हैं। वर्तमान में नितिन पत्रकारिता एवं जनसंचार में Ph.D कर रहें हैं।

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