बालोद में आदिवासियों का बड़ा ऐलान, 20 जून को निकालेंगे ‘संरक्षण जात्रा’, प्रशासन ने लागू की धारा 163

Balod kaushalya dham : छत्तीसगढ़ के बालोद में तुएगोंदी रिजर्व फॉरेस्ट में बन रहे भव्य कौशल्या धाम मंदिर और जामड़ीपाट पटेश्वर धाम आश्रम को लेकर आदिवासी समाज और प्रशासन के बीच विवाद तेज हो गया है। आदिवासी संगठनों का आरोप है कि आरक्षित वन क्षेत्र में अतिक्रमण हो रहा है और उनके पारंपरिक देवस्थलों तक पहुंच रोकी जा रही है।

हजारों आदिवासियों ने इसके पहले 1 जून को बालोद कलेक्ट्रेट का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंच गए। उनका कहना है कि महीनों से शिकायत करने के बावजूद कलेक्टर और प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।

जब सर्व आदिवासी समाज के प्रमुख नेता स्थल का निरीक्षण करने जा रहे थे, तो पुलिस ने उन्हें 12 किलोमीटर पहले ही रोक दिया। इसमें पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर, विनोद नागवंशी, तुकाराम कोर्राम समेत कई नेता शामिल थे। खबरें ये भी है कि 8 जून को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बालोद दौरा प्रस्तावित था लेकिन अंतिम समय में इसे रद्द कर दिया गया। विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन ने 12 जून से कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के 500 मीटर क्षेत्र में धारा 163 (BNSS) लागू कर दी है।

इसके तहत:
4 से ज्यादा लोग एक जगह जमा नहीं हो सकते
बिना अनुमति के कोई रैली, धरना या जुलूस नहीं
हथियार लेकर घूमना और संपत्ति तोड़ना पूरी तरह प्रतिबंधित

आदिवासी नेता प्रेमलाल कुंजाम समेत कई नेताओं का कहना है कि अगर निर्माण पूरी तरह कानूनी है तो प्रशासन आरोपों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं कर रहा? और स्थल निरीक्षण से इतना डर क्यों? आदिवासी समाज ने 20 जून को संरक्षण यात्रा निकालने का ऐलान किया है जिसके चलते पूरे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। प्रशासन इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने का कदम बता रहा है, जबकि आदिवासी इसे अपनी आस्था, जंगल और पारंपरिक अधिकारों की लड़ाई बता रहे हैं।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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