तेलंगाना। तेलंगाना के आदिलाबाद स्थित राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) अस्पताल की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में मंगलवार आधी रात के बाद आग लग गई। हादसे में दो नवजात बच्चों की मौत हो गई। आदिलाबाद कलेक्टर राजर्षि शाह के मुताबिक, शुरुआती जांच में आग लगने की वजह एयर-कंडीशनिंग यूनिट में शॉर्ट सर्किट सामने आई है। उन्होंने बताया कि आग लगने से पहले एसी में विस्फोट हुआ और इसके बाद वार्ड में आग की लपटों के साथ घना धुआं फैल गया। घटना के समय SNCU में 27 नवजातों का इलाज चल रहा था, जिनमें से 24 बच्चे आग और धुएं से प्रभावित हुए।
एक नवजात की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। कलेक्टर ने बताया कि बाकी 22 बच्चों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। आग लगते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों के परिजन उन्हें गोद में लेकर वार्ड से बाहर निकलने लगे। अस्पताल के कर्मचारियों ने तुरंत बिजली आपूर्ति बंद की और नवजातों को सुरक्षित रूप से पास के दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया। दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। धुएं के संपर्क में आने से कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। कुछ नवजातों को आदिलाबाद के निजी अस्पतालों में भेजा गया, जबकि कुछ को बेहतर इलाज के लिए निजामाबाद रेफर किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर राजर्षि शाह और पुलिस अधीक्षक अखिल महाजन RIMS अस्पताल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने अस्पताल का जायजा लिया और कर्मचारियों से आग लगने की घटना के संबंध में जानकारी ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान अस्पताल की विद्युत व्यवस्था और फायर सेफ्टी इंतजामों की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शॉर्ट सर्किट किन परिस्थितियों में हुआ और क्या सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही रही, इसकी जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। हादसे के बाद अस्पताल में सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने नवजातों की मौत को बेहद पीड़ादायक बताया और मृत बच्चों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अस्पताल में भर्ती बच्चों को हर संभव बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने आग लगने की पूरी घटना की जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी अस्पतालों में फायर सेफ्टी और अन्य सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करने के भी निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद प्रशासन अब अस्पतालों में आग से बचाव के इंतजामों की समीक्षा करने की तैयारी में है, ताकि ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोका जा सके।









