रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डबल बेंच ने अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे अश्वनी गुर्देकर को बड़ी राहत देते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट Pharmacy Council के रजिस्ट्रार पद का अतिरिक्त प्रभार जारी रखने की अनुमति दे दी है। माननीय मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायाधीश रविन्द्र कुमार अग्रवाल की डबल बेंच ने 15 मई 2026 को फैसला सुनाया। फिलहाल कोर्ट ने सिंगल बेंच के 12 मार्च 2026 के आदेश को रद्द कर दिया है।
पूरा मामला क्या था?
14 मार्च 2024 को राज्य स्वास्थ्य मंत्रालय ने अम्बेडकर अस्पताल रायपुर के फार्मासिस्ट अश्वनी गुर्देकर को फार्मेसी काउंसिल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा था। डॉ. राकेश गुप्ता ने इसे चुनौती देते हुए क्वो वारंटो याचिका दायर की थी। सिंगल बेंच (न्यायाधीश पार्थ प्रीतम साहू) ने 12 मार्च 2026 को इस प्रभार को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि नियुक्ति फार्मेसी एक्ट 1948 के नियमों के अनुसार नहीं हुई और अश्वनी गुर्देकर रजिस्ट्रार पद की पात्रता नहीं रखते हैं।
डबल बेंच का फैसला
अश्वनी गुर्देकर की ओर से दायर रिट अपील (WA/392/2026) पर सुनवाई करते हुए डबल बेंच ने कहा कि उन्हें स्थायी नियुक्ति नहीं दी गई थी, बल्कि केवल अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। यह अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था है और इसमें सार्वजनिक पद का अवैध कब्जा नहीं माना जा सकता। डबल बेंच ने सरकार को निर्देश दिया कि रजिस्ट्रार पद पर नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए कोशिश करें की 8 हफ़्तों के भीतर ये प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। फिलहाल हाईकोर्ट के अंतिम फैसले के बाद अश्वनी गुर्देकर ने रजिस्ट्रार का कार्य जारी रखने की सूचना शासन को दे दी है।
गौरतलब है की वर्तमान में 1978 का मध्यप्रदेश फार्मेसी रूल लागू है, इसके अनुसार फार्मेसी की डिग्री अनिवार्य है, रजिस्ट्रार पद को लेकर हुए विवाद के बाद अब कोर्ट ने आदेश दिया है की नियमों के तहत जल्द से जल्द योग्य व्यक्ति को रेगुलर नियुक्ति दी जाए।









