नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश (UP)में विधान परिषद चुनाव के नतीजे आने के बाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव के समर्थक ताल ठोकने लगे हैं। समाजवादी पार्टी के एक कार्यकर्ता का एक पोस्टर काफी चर्चा में है। यह पोस्टर लखनऊ में कई जगहों पर लगाया गया है जिस पोस्टर में बड़े शब्दों में लिखा गया है- ‘चचा हैं तो सपा है’।
पोस्टर में ‘उत्तर प्रदेश के विधान परिषद चुनाव में रिकॉर्ड जीत की कोटि-कोटि बधाई’ संदेश भी लिखा गया है। यह पोस्टर राम मूर्ति यादव ने लगाया है और वह फर्रुखाबाद के रहने वाले हैं।पोस्टर में लिखा गया है कि शिवपाल यादव के जादू से बीजेपी का किला ध्वस्त हो गया है।
शिवपाल की भूमिका जीत में अहम
उत्तर प्रदेश में हाल ही में विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों पर चुनाव हुए थे। इनमें बीजेपी ने छह और समाजवादी पार्टी ने पांच सीटें जीतीं। बीजेपी को वाराणसी शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की दोनों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सांसद हैं। बताया जाता है कि शिवपाल यादव ने सभी मतगणना केंद्रों पर अपने लोग लगा दिए थे जिससे गड़बड़ी न हो सके।
अखिलेश यादव की फोटो गायब आजम दिखे
पोस्टर को लेकर अहम बात यह है कि इसमें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीर गायब है, जबकि शिवपाल सिंह यादव की बड़ी तस्वीर लगाई गई है।
इसके अलावा समाजवादी विचारक डॉ. राम मनोहर लोहिया, सपा के मुस्लिम चेहरे आजम खान, पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा और पार्टी के वरिष्ठ नेता जनेश्वर मिश्र की तस्वीरों को भी पोस्टर में जगह दी गई है। लेकिन चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि अखिलेश यादव की तस्वीर पोस्टर में क्यों नहीं लगाई गई?
शिवपाल और समाजवादी पार्टी
शिवपाल सिंह यादव ने साल 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद समाजवादी पार्टी छोड़ दी थी। शिवपाल सिंह यादव मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई हैं और अखिलेश यादव के चाचा हैं। शिवपाल सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी छोड़ने के बाद प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) बनाई थी। इस दौरान उनके और अखिलेश के रिश्तों में दूरियां काफी बढ़ गई थीं।
दिसंबर 2022 में शिवपाल यादव ने अपनी पार्टी का समाजवादी पार्टी में विलय कर दिया था। इसके बाद अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव ने सारे मतभेदों को भुला दिया। मौजूदा वक्त में शिवपाल राष्ट्रीय महासचिव के रूप में पार्टी के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन इस पोस्टर के बाद अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव के बीच में दूरियां होने की चर्चा को हवा मिल रही है।
नजदीक हैं विधानसभा चुनाव
उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव बिल्कुल नजदीक हैं और एमएलसी चुनाव में अच्छे प्रदर्शन के बाद समाजवादी पार्टी ने 2027 के चुनाव में जीत का दावा किया है। इस पोस्टर के बाद जिसमें यह कहा गया है कि शिवपाल सिंह यादव के जादू से बीजेपी का किला ध्वस्त हो गया, उसमें अखिलेश यादव की तस्वीर का ना होना निश्चित रूप से सपा में चाचा-भतीजे की अंदरुनी राजनीति को लेकर सवाल जरूर खड़े करता है।








