रायपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर डीएड (D.El.Ed) योग्य अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का दावा है कि उनका संघर्ष 492वें दिन में पहुंच गया है। ठंड, गर्मी और बारिश के बीच कई बार तबीयत बिगड़ने और अस्पताल पहुंचने की घटनाओं के बावजूद वे नियुक्ति की मांग पर अड़े हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि न्यायालय के आदेशों के बाद भी लगभग 2300 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है।
बीएड अभ्यर्थियों को हटाने के बाद भी खाली रह गए पद
सहायक शिक्षक भर्ती 2023 में प्राथमिक स्तर के पदों के लिए डीएड योग्यता को लेकर विवाद हुआ था। न्यायालय के फैसलों के बाद लगभग 2621 बीएड योग्य अभ्यर्थियों को सहायक शिक्षक पदों से हटाया गया। इनमें से कुछ को अन्य पदों पर समायोजित किया गया। इसके बाद रिक्त स्थानों पर डीएड योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हुई।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, अब तक करीब 1319 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली है, लेकिन बड़ी संख्या में पद खाली हैं। उन्होंने मेरिट सूची तैयार करने और काउंसलिंग की प्रक्रिया में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उनकी मांग है कि शेष पात्र उम्मीदवारों के लिए छठवें चरण की काउंसलिंग जल्द कराई जाए।
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला
अभ्यर्थियों ने बिलासपुर हाईकोर्ट के 2 अप्रैल 2024 और 26 सितंबर 2025 तथा सुप्रीम कोर्ट के 28 अगस्त 2024 के आदेशों का हवाला देते हुए नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है। उनका कहना है कि पात्रता तय होने के बाद भी नियुक्ति में देरी से बेरोजगार युवाओं को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दिसंबर 2025 में विधानसभा के भीतर भी रिक्त पदों पर भर्ती की समय-सीमा को लेकर सवाल उठाया गया था, लेकिन कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई।
मुंडन से लेकर दंडवत प्रदर्शन तक, कई तरीके अपनाए
आंदोलन के दौरान अभ्यर्थी सामूहिक मुंडन, दंडवत प्रणाम, खून से पत्र लिखने और विधानसभा की ओर मार्च करने जैसे तरीकों से विरोध दर्ज करा चुके हैं। अनशन के दौरान कई प्रदर्शनकारियों की तबीयत बिगड़ने और अस्पताल में भर्ती होने की खबरें भी सामने आई हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे कई बार सरकार और शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन नियुक्ति की स्पष्ट समय-सीमा नहीं बताई गई है।
भर्ती पूरी करने की समय-सीमा अब भी स्पष्ट नहीं
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से शेष पदों की वास्तविक संख्या सार्वजनिक करने, मेरिट सूची से जुड़ी शिकायतों का समाधान करने और नियुक्ति के लिए समयबद्ध कार्यक्रम जारी करने की मांग की है। इस मामले में एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि अदालत के आदेशों के बाद शिक्षा विभाग ने कितने पद भरे और कितने अभी खाली हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में रिक्त पदों के आंकड़े अलग हैं। सरकार की ओर से अद्यतन स्थिति और आगे की भर्ती प्रक्रिया स्पष्ट होने पर ही इस विवाद के समाधान की दिशा तय हो सकेगी।











