SIR और धर्म स्वातंत्र्य कानून के खिलाफ भिलाई में JSM का प्रदर्शन

भिलाई। जन संघर्ष मोर्चा (JSM) छत्तीसगढ़ और समान विचार वाले संगठनों ने शनिवार को भिलाई के परिवार चौक पर प्रदर्शन कर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) रद्द करने, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाकर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने और मतदाता सूची से हटाए गए पात्र नागरिकों का मताधिकार बहाल करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारे लगाए गए।

प्रदर्शनकारियों ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य कानून 2026 को वापस लेने, राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू नहीं करने और भिलाई हॉस्पिटल सेक्टर के 702 परिवारों की बेदखली रोकने की मांग भी की। मोर्चा ने आरोप लगाया कि धर्म स्वातंत्र्य कानून अल्पसंख्यकों, विशेषकर ईसाई समुदाय, को निशाना बनाने का माध्यम बन सकता है। वहीं, हॉस्पिटल सेक्टर के रहवासियों को बेदखल करने की कार्रवाई रोककर उनके सम्मानजनक पुनर्वास की मांग की गई।

वक्ताओं ने दिल्ली में SIR के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों, युवाओं और अन्य प्रदर्शनकारियों के कथित दमन तथा उत्पीड़न की निंदा की। उन्होंने जंतर-मंतर को शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थल की अधिसूचना से बाहर करने का आदेश वापस लेने और दिल्ली की घटनाओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।

प्रदर्शन की अध्यक्षता जन संघर्ष मोर्चा के संयोजक मंडल सदस्य प्रसाद राव ने की, जबकि संचालन मोर्चा के सदस्य और जाति उन्मूलन आंदोलन के अखिल भारतीय संयोजक तुहिन ने किया। प्रमुख वक्ताओं में पूर्व विधायक जनकलाल ठाकुर, कलादास, सौरा, सविता बौद्ध, पार्षद चंद्रभान सिंह, साहित्यकार चंद्रकला तारम, मजदूर नेता रमाकांत, चौआराम, सज्जाद हुसैन और नीरा डेहरिया सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे। हॉस्पिटल सेक्टर आवास संघर्ष समिति की ओर से सुंदरिया और नारायण राव ने भी अपनी बात रखी। प्रदर्शन में जनगीतों की प्रस्तुति हुई और विभिन्न मांगों के समर्थन में नारे लगाए गए।

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