छत्तीसगढ़ समेत 17 राज्यों में फिर बदलेगी वोटर लिस्ट, 12 नवंबर से नाम जोड़ने और सुधारने का मौका

रायपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh)समेत देश के 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची को एक बार फिर अपडेट किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) कराने का निर्देश दिया है। इसके तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे, पुरानी प्रविष्टियों में सुधार होगा और मतदाता सूची से जुड़ी आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा। खास ध्यान उन युवाओं पर रहेगा, जो 1 जनवरी 2027 तक 18 साल के हो जाएंगे। आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक, 12 नवंबर को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित होगा और 4 जनवरी 2027 को अंतिम सूची जारी की जाएगी।

SIR के बाद अब SSR, घर-घर नहीं होगा सत्यापन

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठे सवालों और विवादों के बीच आयोग ने अब विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है। हालांकि, SSR और SIR की प्रक्रिया अलग-अलग है। SIR में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करते हैं, जबकि SSR में सामान्य तौर पर ऐसा अभियान नहीं चलाया जाता।

इस प्रक्रिया में मतदाता सूची का प्रारूप जारी होने के बाद लोगों से नाम जोड़ने, सुधार करने और गलत प्रविष्टियों को लेकर दावे और आपत्तियां मांगी जाएंगी। संबंधित निर्वाचन अधिकारी इनकी जांच कर फैसला लेंगे।

12 नवंबर से 11 दिसंबर तक कर सकेंगे आवेदन

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 2 नवंबर तक मतदान केंद्रों के पुनर्गठन और व्यवस्थाओं से जुड़ा काम पूरा किया जाएगा। इसके बाद 12 नवंबर को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी। इसी दिन से नाम जोड़ने और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू होगी, जो 11 दिसंबर तक चलेगी।

सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा 28 दिसंबर तक करना होगा। इसके बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

18 साल के युवाओं को मिलेगा नाम जुड़वाने का मौका

इस अभियान में पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जो युवा 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की उम्र पूरी कर लेंगे, वे मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए फॉर्म-6 भरना होगा।

वहीं, जिन मतदाताओं के नाम, पते या दूसरी जानकारियों में गलती है, वे फॉर्म-8 के जरिए सुधार करा सकेंगे। इसके अलावा 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवा भी पहले से आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, उनके आवेदनों पर संबंधित पात्रता तिथि के अनुसार ही फैसला होगा।

राजनीतिक दलों को पढ़ने योग्य PDF में मिलेगी वोटर लिस्ट

इस बार आयोग ने राजनीतिक दलों को मतदाता सूची उपलब्ध कराने के तरीके में भी बदलाव किया है। प्रारूप और अंतिम मतदाता सूची बिना फोटो के ऐसी PDF में उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें नाम और दूसरी जानकारियां पढ़ी और खोजी जा सकेंगी। पहले राजनीतिक दलों को इमेज आधारित PDF दी जाती थी।

इस बदलाव से राजनीतिक दलों के लिए मतदाता सूची की जांच और नामों का मिलान करना आसान हो सकता है। हालांकि, सूची में गलत नाम जोड़ने या पात्र मतदाताओं के नाम छूटने की शिकायतों का समाधान कितनी पारदर्शिता से होता है, यह भी महत्वपूर्ण होगा।

छत्तीसगढ़ समेत इन 17 राज्यों में चलेगा अभियान

आयोग के निर्देश के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, पंजाब, गुजरात, गोवा, केरल, तमिलनाडु, मणिपुर, असम, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में यह प्रक्रिया चलेगी।

वहीं, दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, कर्नाटक, ओडिशा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश समेत अन्य राज्यों में SSR का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।

मतदाता सूची की शुद्धता के साथ पारदर्शिता भी चुनौती

चुनाव आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो। लेकिन मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में केवल सूची अपडेट करना ही काफी नहीं होगा, बल्कि दावों और आपत्तियों के निपटारे में पारदर्शिता सुनिश्चित करना भी जरूरी है।

खासकर उन मतदाताओं के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण होगा, जिनके नाम पहले की प्रक्रिया में छूट गए थे या जिनकी जानकारी में गलतियां रह गई थीं। अब देखना होगा कि आयोग इस अभियान के जरिए कितने नए पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल कर पाता है और शिकायतों का समाधान किस तरह करता है।

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