रायपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh)के किसानों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर 2026 से धान खरीदी शुरू करने जा रही है। यह खरीदी 31 जनवरी 2027 तक चलेगी। सरकार ने इस साल लगभग 160 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जन का लक्ष्य रखा है।
पिछले साल प्रदेश के 25.49 लाख से अधिक पंजीकृत किसानों से 149 लाख टन धान खरीदा गया था। इस बार लक्ष्य बढ़ाकर 160 लाख टन कर दिया गया है।
नई नीति में छोटे किसानों को प्राथमिकता
नई खरीदी नीति में लघु और सीमांत किसानों को खास तरजीह दी गई है। कुल खरीदी का 70 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं छोटे किसानों से करने का प्रावधान है। प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की ही खरीदी की जाएगी। एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य रखा गया है। टोकन के लिए किसानों को 7 दिन पहले आवेदन करना होगा। बीज उत्पादक किसानों की खरीदी मार्च से मई तक अलग से की जाएगी।
कैबिनेट में हो सकता है अंतिम फैसला
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर 2026 को राज्य कैबिनेट की बैठक प्रस्तावित है। इसमें धान खरीदी से जुड़े प्रस्तावों पर फैसला हो सकता है। चर्चा है कि दीवाली के बाद 15 नवंबर से खरीदी शुरू की जाएगी।
मूल्य और बोनस को लेकर मांगें
पिछली बार धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया था। भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस बार मूल्य बढ़ाकर 3358 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की है। संघ ने 1700 करोड़ रुपये की चौथी किस्त के बोनस का मुद्दा भी उठाया है। वहीं विपक्ष 1 नवंबर से ही धान खरीदी शुरू करने का दबाव बना रहा है। कैबिनेट बैठक में इन मांगों पर भी चर्चा हो सकती है।
राज्योत्सव और अन्य प्रस्ताव
इस बार राज्योत्सव तीन दिन का होगा। बैठक में इसकी तैयारियों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सरकारी अस्पतालों में सुधार, कृषि तकनीक और सहकारी समितियों से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी मिलने की संभावना है। किसान संगठनों और विपक्ष की मांगों के बीच कैबिनेट का फैसला किसानों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।









