लेंस डेस्क । पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की रिहाई की मांग को लेकर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थकों ने रविवार को खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मारवत से लॉन्ग मार्च शुरू कर दिया। हजारों लोग करीब 275 किलोमीटर दूर इस्लामाबाद की तरफ बढ़ रहे हैं।
मार्च शुरू होने के कुछ समय बाद फ्रंटियर फोर्स और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। दोनों तरफ से पथराव हुआ और सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया। एक घंटे बाद मार्च फिर आगे बढ़ा। इस्लामाबाद में संसद और राजमार्गों को कंटेनर लगाकर बंद कर दिया गया है।
पीटीआई का दावा है कि पंजाब में शनिवार रात करीब दो हजार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। पार्टी के सांसद और आर्मी चीफ आसिम मुनीर के बीच बैठक भी हुई, लेकिन इसके नतीजे सामने नहीं आए।
73 वर्षीय इमरान खान 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं। उन पर कई मामले दर्ज हैं और तीन मामलों में सजा सुनाई जा चुकी है। उनकी पत्नी बुशरा बीबी और बहनें भी हिरासत में हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन बाद में वापस जेल भेज दिया गया।
सरकार और पीटीआई के बीच दो दौर की बातचीत हुई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। पीटीआई इमरान से मुलाकात और निजी डॉक्टरों की देखरेख में इलाज की मांग कर रही है, जबकि सरकार प्रदर्शन रद्द करने की शर्त रख रही है।
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री ने मार्च जारी रखने की घोषणा की है। काफिला करक, कोहाट, पेशावर होते हुए आगे बढ़ेगा। प्रधानमंत्री के सलाहकार ने साफ कहा है कि प्रदर्शनकारियों को इस्लामाबाद में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। राजधानी की ओर जाने वाली सड़कों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
प्रदर्शनकारी कह रहे हैं कि वे पीछे नहीं हटेंगे और मार्च इस्लामाबाद तक पहुंचेगा। वहीं सरकार इसे रोकने की कोशिश में जुटी हुई है।










