मुंबई। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से 2 अक्टूबर को मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में प्रस्तावित ‘जेल भरो आंदोलन’ को मुंबई पुलिस ने अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कर दिया है कि आंदोलन शिवाजी पार्क में ही होगा। पार्टी ने शुक्रवार शाम 4 बजे गेट नंबर 6 पर जुटने की अपील की है।
CJP की ओर से इस आंदोलन को देशव्यापी अभियान की शुरुआत बताया गया है। आयोजकों ने ‘ज्ञानू मस्ट गो’ और ‘सेव डेमोक्रेसी’ को आंदोलन का प्रमुख नारा बनाया है। मुंबई के बाद गोवा, बेंगलुरु, पटना और रांची में कार्यक्रम करने और आगे दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन का चरण शुरू करने की बात कही गई है।
पुलिस ने क्यों नहीं दी अनुमति
सामाजिक कार्यकर्ता अजिंक्य शिंदे ने 26 सितंबर को शिवाजी पार्क थाने में प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन दिया था। पुलिस ने 27 सितंबर को लिखित जवाब देकर अनुमति देने से इनकार कर दिया।
पुलिस ने बॉम्बे हाईकोर्ट के PIL 116/2009 में 4 जनवरी 2013 के फैसले और महाराष्ट्र सरकार के 20 जनवरी 2016 के आदेश का हवाला दिया है। पुलिस के मुताबिक शिवाजी पार्क में सभा या प्रदर्शन की अनुमति देने का अधिकार उसके पास नहीं है। इसके अलावा BMC की अनुमति भी नहीं मिली थी।
पुलिस ने शिवाजी पार्क को साइलेंट जोन और आवासीय क्षेत्र बताते हुए ध्वनि प्रदूषण और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई है। आसपास के अस्पतालों में आने-जाने वाले आपातकालीन वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की चिंता भी जताई गई है। पुलिस ने आयोजकों को किसी वैकल्पिक जगह का चयन कर नया आवेदन देने की सलाह दी है।
दीपके बोले- अनुमति हो या न हो, शिवाजी पार्क में ही प्रदर्शन
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने 27 और 28 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पुलिस के फैसले पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद गांधी जयंती पर ‘जेल भरो आंदोलन’ किया जाएगा।
1 अक्टूबर को मुंबई प्रेस क्लब में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपके ने कहा कि अनुमति मिले या नहीं, प्रदर्शन शिवाजी पार्क में ही होगा। उन्होंने आजाद मैदान में प्रदर्शन करने से भी इनकार किया। दीपके ने गिरफ्तारी की स्थिति में जमानत लेने और उसके बाद दोबारा सड़क पर उतरने की बात कही। उनके मुताबिक आंदोलन का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को उठाना है।
CJP की क्या हैं मांगें
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के अलावा चुनाव से जुड़ी कई मांगें रखी हैं। इनमें जनवरी 2005 की मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराने, 2023 के चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून को रद्द करने और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग शामिल है।
दीपके ने SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का भी आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों को लेकर संबंधित संस्थाओं और पक्षों के जवाब को अलग-अलग देखना जरूरी है।
शिवाजी पार्क को लेकर स्थानीय लोगों का भी विरोध
प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर शिवाजी पार्क के आसपास रहने वाले कुछ स्थानीय लोगों ने भी आपत्ति जताई है। 1 अक्टूबर को CJP कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों के बीच बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। स्थानीय लोगों ने मैदान में कार्यक्रम आयोजित किए जाने का विरोध किया।
पुलिस की ओर से पहले से अनुमति नहीं दिए जाने की स्थिति भी बनी हुई है। वहीं CJP का कहना है कि उसने आंदोलन की सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी है और पुलिस से सहयोग की उम्मीद है।
राजनीतिक समर्थन के दावे भी सामने आए
प्रदर्शन को लेकर कुछ रिपोर्टों में NCP के शरद पवार गुट और ठाकरे परिवार से जुड़े नेताओं के समर्थन का दावा किया गया है। मराठी मीडिया की कुछ रिपोर्टों में संजय राउत के हवाले से आदित्य ठाकरे के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना का भी जिक्र किया गया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है।
ऐसे में 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में क्या स्थिति बनती है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल पुलिस ने वैकल्पिक स्थान पर कार्यक्रम करने की सलाह दी है, जबकि CJP शिवाजी पार्क में ही प्रदर्शन करने के अपने फैसले पर कायम है।








