नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश (Uttar pradesh) के भदोही जिले में प्रसव से कराहती जोरईं गांव की वनवासी महिला रानी देवी को जिला अस्पताल से मंगलवार की रात भगाने और सड़क किनारे उसका प्रसव होने के मामले में सीएमएस, चिकित्सक, नर्स और ईएमओ जांच में दोषी पाए गए हैं। जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देश पर सीएमओ डॉ. एसके चक ने स्टाफ नर्स नीलम मौर्या को जिला अस्पताल से हटाकर औराई सीएचसी अटैच कर दिया है और इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉ. पंकज कुमार की सेवा समाप्त कर दी है।
सीएमएस डॉ. एके तिवारी और महिला चिकित्सक डॉ. नीलिमा धवन के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। वहीं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश प्रजापति का सितंबर महीने का वेतन रोका गया है। डीएम ने निर्देश दिया है कि किसी चैंबर से कोई मरीज बिना उपचार के किसी सरकारी अस्पताल से लौटा तो संबंधित को निलंबित करने के साथ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। चार सदस्यीय टीम की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
जांच टीम ने रिपोर्ट में लिखा कि प्रसव पीड़िता सोमवार को जिला अस्पताल आई थी। उस दौरान महिला चिकित्सक डॉ. नीलिमा ने रानी को देखा ही नहीं और रेफर कर दिया। महिला मीरजापुर मेडिकल कॉलेज से पुनः जिला अस्पताल आई तो स्टाफ नर्स ने प्रसव कराने से मना कर दिया। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश प्रजापति ने फोन पर ही उसकी स्थिति जानी और रेफर करने को कहा।
इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ. पंकज ने रेफर पर्ची तैयार की। पढ़ा-लिखा परिवार न होने के कारण चिकित्सक ने एंबुलेंस नहीं बुलाई। स्वजन के हंगामे के बाद भी सीएमएस ने हस्तक्षेप नहीं किया। इससे पूरी तरह प्रशासनिक शिथिलता बरती गई और मरीज को चिकित्सीय सेवा नहीं मिली। इस रिपोर्ट पर सभी को दोषी ठहराया गया।
रानी देवी को उसके स्वजन सोमवार को प्रसव के लिए महाराजा चेत सिंह जिला अस्पताल लेकर आए थे। यहां से उसे मीरजापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज से उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाने की सलाह दी गई, लेकिन स्वजन उसे लेकर मंगलवार की रात फिर जिला अस्पताल आ गए। यहां उसका इलाज न होने पर स्वजन ने हंगामा किया और आरोप लगाया कि मुसहर जाति का होने के कारण स्टाफ नर्स ने प्रसव कराने से मना कर दिया। स्वजन उसे लेकर घर जा रहे थे कि प्रसव पीड़ा होने पर उन्होंने अस्पताल गेट के पास पर्दे की ओट में उसका प्रसव कराया और जच्चा-बच्चा को लेकर वे घर चले गए। जानकारी मिलने पर सीएमओ उसके घर गए और दोनों को जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया।
उत्तर प्रदेश के भदोही में मुसहर जाति का होने से प्रसव कराने से किया मना, चिकित्सक की सेवा समाप्त
🗓️ Published: October 1, 2026 8:43 pm








