रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गणेश विसर्जन झांकी के दौरान पुलिस की सरप्राइज चेकिंग में 400 किलो से ज्यादा कड़े, 22 से अधिक चाकू, कैंची, पंच और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ। करीब 6 हजार कड़े जब्त किए गए, वहीं शराब की छोटी बोतलों के साथ भी कई लोग पकड़े गए। इसके बावजूद पुलिस के मुताबिक, करीब 5 लाख से ज्यादा लोगों की मौजूदगी और 74 झांकियों के बीच कोई बड़ी आपराधिक वारदात नहीं हुई।
पुलिस ने इसे रायपुर कमिश्नरेट व्यवस्था की बड़ी सफलता बताते हुए ‘जीरो क्राइम’ का दावा किया है। खास बात यह है कि कमिश्नरेट लागू होने के बाद होली के दौरान भी पुलिस ने किसी बड़ी आपराधिक घटना के नहीं होने की बात कही थी। ऐसे में गणेश विसर्जन झांकी को होली के बाद कमिश्नरेट की दूसरी बड़ी ‘जीरो क्राइम’ सफलता बताया जा रहा है।
करीब 15 दिनों तक चले गणेश उत्सव के दौरान स्थापना से लेकर विसर्जन तक पुलिस ने अपराधियों और संदिग्धों पर लगातार निगरानी रखी। विसर्जन के दिन लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभालने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
74 झांकियां, 5 लाख से ज्यादा लोग, दो महीने पहले से शुरू हुई थी तैयारी
इस साल गणेश विसर्जन झांकी में पिछले साल के मुकाबले करीब 20 फीसदी ज्यादा झांकियां शामिल हुईं। पिछले साल 62 झांकियां निकली थीं, जबकि इस बार 74 झांकियां विसर्जन के लिए निकलीं।
पुलिस के मुताबिक विसर्जन झांकी में 5 लाख से ज्यादा लोगों के शामिल होने का अनुमान है। इतनी बड़ी भीड़ और ज्यादा संख्या में झांकियों के बावजूद कोई बड़ी आपराधिक वारदात सामने नहीं आई।
गणेश उत्सव को देखते हुए रायपुर पुलिस ने करीब दो महीने पहले से सुरक्षा तैयारियां शुरू कर दी थीं।
थाना स्तर पर आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों की सूची तैयार की गई। उनकी गतिविधियों पर निगरानी के साथ ही आर्म्स एक्ट, आबकारी एक्ट, NDPS एक्ट और प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। वारंट तामीली के साथ भी बड़ी संख्या में कार्रवाई की गई।
6 जोन और 24 सेक्टर में तैनाती
पूरे गणेश उत्सव के दौरान रायपुर को 6 जोन और 24 सेक्टर में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था की गई। हर दिन करीब 700 से 800 पुलिस अधिकारी और जवान कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था में तैनात रहे। गणेश पंडालों, प्रमुख चौक-चौराहों, झांकी मार्ग और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया।
विसर्जन झांकी के दिन 50 से ज्यादा राजपत्रित पुलिस अधिकारियों समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मैदान में तैनात रहे।
सिविल ड्रेस में पुलिस, भीड़ के बीच सरप्राइज चेकिंग
पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को सिर्फ वर्दी में तैनाती तक सीमित नहीं रखा। सिविल ड्रेस में भी पुलिसकर्मियों को भीड़ के बीच तैनात किया गया।
संदिग्ध लोगों की पहचान के लिए लगातार निगरानी की गई और कई स्थानों पर अचानक चेकिंग की गई। इसी दौरान चाकू, कैंची, पंच और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ।
पुलिस के मुताबिक झांकी के दिन 22 से ज्यादा चाकू, 4 कैंची और पंच समेत अन्य सामान बरामद किए गए। इनके संबंध में आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
400 किलो से ज्यादा कड़े जब्त, 15 से ज्यादा चोरी के वाहन बरामद
विसर्जन झांकी के दौरान 50 से ज्यादा लोगों को प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। मोबाइल चोरी और पॉकेटमारी से जुड़े कुछ संदिग्धों को भी पुलिस ने पकड़ा। इसके अलावा कई लोगों को शराब की छोटी बोतलों के साथ भी पकड़ा गया।
गणेश उत्सव के दौरान की गई चेकिंग में यातायात पुलिस ने 15 से ज्यादा चोरी के वाहन बरामद किए।
इसके अलावा संदिग्ध लोगों को चाकू और अन्य आपत्तिजनक सामान के साथ पकड़ा गया और संबंधित थानों को सौंपकर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई।
क्राइम ब्रांच की 200 पुलिसकर्मियों की टीम, ड्रोन, ITMS और CCTV से निगरानी
अपराधियों और संदिग्धों पर नजर रखने के लिए DCP क्राइम के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच (ACCU) की करीब 200 पुलिसकर्मियों की विशेष टीम तैनात की गई थी।
टीम ने आदतन अपराधियों और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी और जरूरत के मुताबिक मौके पर कार्रवाई की।
सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस ने तकनीक का भी इस्तेमाल किया। ड्रोन, ITMS और CCTV कैमरों के जरिए प्रमुख और संवेदनशील स्थानों की निगरानी की गई।
भीड़, यातायात दबाव और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए जरूरत के मुताबिक पुलिस और ट्रैफिक व्यवस्था को व्यवस्थित किया गया।
5 लाख से ज्यादा की भीड़ के लिए ट्रैफिक प्लान
74 झांकियों और लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने पहले से विशेष प्लान तैयार किया था।
प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन, बैरिकेडिंग और अतिरिक्त यातायात बल लगाया गया। इसका उद्देश्य झांकी मार्ग के साथ आम नागरिकों के आवागमन को भी सुचारू रखना था।
रायपुर में कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद बड़े सार्वजनिक आयोजनों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती रहा है।
होली के दौरान भी पुलिस ने किसी बड़ी आपराधिक घटना के नहीं होने की बात कही थी। अब गणेश उत्सव के करीब 15 दिनों के दौरान 74 झांकियां और लाखों लोगों की भीड़ जुटने के बावजूद पुलिस के मुताबिक कोई बड़ी आपराधिक वारदात नहीं हुई।
पुलिस इसे होली के बाद कमिश्नरेट की दूसरी बड़ी ‘जीरो क्राइम’ सफलता बता रही है।
पुलिस के मुताबिक पूर्व नियोजित सुरक्षा व्यवस्था, अपराधियों पर निगरानी, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, सिविल ड्रेस में तैनाती, सरप्राइज चेकिंग, तकनीकी निगरानी और आम लोगों के सहयोग से गणेश स्थापना से विसर्जन तक कानून-व्यवस्था शांतिपूर्ण रही।









