रायपुर |संसदीय प्राक्कलन समिति (एस्टिमेट्स कमेटी) के अध्ययन दौरे के दौरान रविवार को रायपुर के वरिष्ठ सांसद बृजमोहन अग्रवाल हरिद्वार स्थित भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) की विनिर्माण इकाई पहुंचे।
प्लांट पहुंचने पर BHEL प्रबंधन और वरिष्ठ अधिकारियों ने समिति अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल, सांसद बृजमोहन अग्रवाल और अन्य सदस्यों का स्वागत किया। समिति ने प्लांट की प्रमुख विनिर्माण इकाइयों का भ्रमण किया और आधुनिक तकनीकी प्रक्रियाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रजेंटेशन और मौके पर जाकर संयंत्र की कार्यप्रणाली, वित्तीय स्थिति और विस्तार योजनाओं की जानकारी दी।
छत्तीसगढ़ की ऊर्जा में BHEL का योगदान
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने BHEL के इंजीनियरों और कर्मचारियों के कौशल की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का प्रमुख पावर हब है। राज्य के NTPC सीपत, कोरबा और छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल (CSPGCL) के ताप विद्युत संयंत्रों में BHEL द्वारा बनाए गए टर्बाइन और जनरेटर ही वर्षों से बिजली उत्पादन की रीढ़ बने हुए हैं। BHEL की विश्वसनीयता ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक प्रगति को मजबूत आधार दिया है।
रक्षा और आत्मनिर्भर भारत में भूमिका
सांसद अग्रवाल ने बताया कि हरिद्वार प्लांट भारी स्टीम और गैस टर्बाइन, टर्बो जनरेटर तथा बड़े इंडस्ट्रियल मोटर्स का निर्माण करता है। सेंट्रल फाउंड्री फोर्ज प्लांट (CFFP) में भारी कास्टिंग और फोर्जिंग तैयार की जाती हैं। इसके अलावा भारतीय नौसेना के जंगी जहाजों के लिए स्वदेशी 76 एमएम सुपर रैपिड गन माउंट (SRGM) जैसी रक्षा प्रणालियां भी यहां बनती हैं। उन्होंने कहा कि यह संयंत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ संकल्प को साकार कर रहा है।
सांसद ने प्रबंधन से चर्चा करते हुए अनुसंधान एवं विकास (R&D) को और मजबूत करने तथा ऊर्जा व रक्षा क्षेत्र की आधुनिक जरूरतों के हिसाब से उत्पादन क्षमता बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उपक्रम देश की आर्थिक और रणनीतिक संप्रभुता के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।
इस अवसर पर प्राक्कलन समिति के अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल, अन्य सांसद और BHEL तथा संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।









