Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वेटिंग लिस्ट को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि चयनित उम्मीदवार अगर जॉइन करने के बाद पद से इस्तीफा दे देता है, तो वह पद फ्रेश वैकेंसी (नई रिक्ति) माना जाएगा। इसे पुरानी वेटिंग लिस्ट से नहीं भरा जा सकता। जस्टिस बी.डी. गुरु की बेंच ने स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड में जूनियर इंजीनियर भर्ती से जुड़े मामले में यह फैसला दिया। कोर्ट ने दो उम्मीदवारों की याचिका खारिज कर दी।
क्या है पूरा मामला?
कंपनी ने ओबीसी वर्ग के तहत जूनियर इंजीनियर पदों के लिए 15 सितंबर 2023 को आवेदन आमंत्रित किए थे। अक्टूबर में चयन सूची जारी हुई। भूपेश वर्मा और विकास कुमार गुप्ता का नाम वेटिंग लिस्ट में था।
चयन सूची जारी होने के बाद कई चयनित उम्मीदवारों ने जॉइन करने के बाद इस्तीफा दे दिया, जिससे कई पद खाली हो गए। दोनों उम्मीदवारों ने विभाग से मांग की कि वेटिंग लिस्ट से उन्हें नियुक्ति दी जाए। विभाग ने उनके आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद दोनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
हाईकोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि जब कोई चयनित उम्मीदवार जॉइन करने के बाद इस्तीफा देता है, तो खाली हुआ पद नई वैकेंसी होता है। इसे पुरानी चयन सूची या वेटिंग लिस्ट चलाकर नहीं भरा जा सकता। ऐसे पदों को भरने के लिए नए सिरे से विज्ञापन जारी करना और नई चयन प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है।
फैसले का मतलब
इस फैसले से साफ हो गया है कि :
चयन प्रक्रिया के दौरान या जॉइनिंग से पहले खाली पद वेटिंग लिस्ट से भरे जा सकते हैं।
लेकिन जॉइन करने के बाद इस्तीफे से खाली हुए पद नई रिक्ति माने जाएंगे।
इन पर पुरानी लिस्ट से नियुक्ति अवैध होगी।









