नई दिल्ली। चुनाव आयोग (ECI) के भीतर कथित मतभेद और SIR को लेकर चल रही राजनीतिक बहस अब NDA के भीतर भी अलग-अलग सुरों में दिखाई दे रही है।
एक तरफ NDA के सहयोगी दलों के कुछ नेताओं और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, एचडी कुमार स्वामी और अनुप्रिया पटेल ने चुनाव आयोग से विवाद पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। जबकि चुनाव आयोग की सफाई सामने आने के बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और TDP प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने चुनाव आयोग की ओर से जारी सर्वसम्मत स्पष्टीकरण का समर्थन किया है।
चंद्रबाबू नायडू ने अपने आधिकारिक X अकाउंट से चुनाव आयोग की सफाई पर प्रतिक्रिया दी।
CM नायडू ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू तथा विवेक जोशी की ओर से जारी सर्वसम्मत स्पष्टीकरण संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता और अखंडता को मजबूत करता है।
आंध्रा के मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि चुनावी सूची के SIR से जुड़े फैसले सामूहिक रूप से और स्थापित संस्थागत प्रक्रियाओं के तहत लिए जाते हैं।
उन्होंने लिखा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था या चुनावी प्रक्रिया पर अल्पकालिक राजनीतिक लाभ के लिए वैश्विक भरोसे को कमजोर करने की कोशिशें दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
चंद्रबाबू नायडू ने अपने पोस्ट में चुनावी नतीजों को जनता का जनादेश बताते हुए कहा कि मजबूत लोकतंत्र में नेतृत्व का मतलब जीत और हार दोनों को गरिमा और विनम्रता के साथ स्वीकार करना भी है।
उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान को सर्वोच्च बताते हुए कहा कि राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं की सामूहिक जिम्मेदारी है कि वे भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता के विश्वास को बनाए रखें।
NDA में पहले उठे थे आयोग से स्पष्टीकरण के सवाल
चन्द्रबाबू नायडू का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले NDA के कुछ सहयोगी नेताओं की ओर से चुनाव आयोग के विवाद पर स्पष्टीकरण की मांग सामने आई थी।
चिराग पासवान ने कहा था कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को लेकर अगर सवाल उठ रहे हैं तो आयोग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
वहीं, एचडी कुमारस्वामी ने शनिवार को कहा कि चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों को लेकर सामने आ रही रिपोर्टों पर स्थिति स्पष्ट करने की जिम्मेदारी खुद आयोग की है। उन्होंने कहा कि देश को यह पता होना चाहिए कि वास्तव में आयोग के भीतर क्या स्थिति है।
वहीं अनुप्रिया पटेल ने भी आयोग से पूरे मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करने की जरूरत बताई थी।
इसके अलावा TDP नेता लावू श्रीकृष्ण देवरायलु और RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा भी आयोग से स्पष्टीकरण की मांग कर चुके हैं।
यानी NDA के भीतर इस मुद्दे पर एक तरफ आयोग से स्पष्टीकरण की मांग उठी, जबकि अब चंद्रबाबू नायडू ने आयोग की ओर से जारी सर्वसम्मत स्पष्टीकरण को विश्वसनीय और संस्थागत प्रक्रिया की पुष्टि करने वाला बताया है।
आयोग ने क्या कहा था?
विवाद के बीच चुनाव आयोग ने कहा है कि आयोग के भीतर अलग-अलग राय, टिप्पणियां और तकनीकी सुझाव संस्थागत विमर्श का हिस्सा हैं। आयोग का कहना है कि SIR से जुड़े फैसले निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत सामूहिक रूप से लिए गए हैं।
यही वह स्पष्टीकरण है जिसे चंद्रबाबू नायडू ने अपने X पोस्ट में लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता के संदर्भ में समर्थन दिया है।






