रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बीच शनिवार को कई जिलों में हालात बिगड़ गए। कहीं नदी-नाले उफान पर हैं, तो कहीं सड़कें और बस्तियां पानी में डूब गई हैं। इस बीच बिलासपुर में अरपा नदी में गणेश विसर्जन के दौरान 2 बच्चे बह गए। वहीं, राजधानी रायपुर के बोरियाखुर्द इलाके में पिता के सामने ही नाली बहने से एक सात साल के मासूम की मौत हो गई।
दरअसल, बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। बस्तर से लेकर बिलासपुर, रायपुर, धमतरी और कवर्धा तक बारिश का असर देखने को मिला है।
बिलासपुर में गणेश विसर्जन करने के दौरान हादसा
बिलासपुर के दयालबंद इलाके में शनिवार को गणेश विसर्जन के दौरान अरपा नदी में दो बच्चे तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजन और आसपास मौजूद लोगों ने बच्चों को बचाने की कोशिश की, लेकिन नदी का बहाव तेज होने के कारण उन्हें तत्काल नहीं खोजा जा सका।
जानकारी के मुताबिक, गणेश प्रतिमा के विसर्जन के बाद दोनों बच्चे नदी के पानी में गए थे। इसी दौरान अचानक वे तेज बहाव की चपेट में आ गए और देखते ही देखते पानी में बह गए। घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण एसडीआरएफ की टीम को भी तलाश में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। टीम नदी के अलग-अलग हिस्सों में बच्चों की तलाश कर रही है। मौके पर बड़ी संख्या में लोग भी जुटे हुए हैं और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
पानी में पैर धो रहा था बच्चा, पिता के सामने ही बह गया
राजधानी के बोरियाखुर्द इलाके में शनिवार को तालाब के पास 7 वर्षीय बच्चा अपने पिता के साथ मौजूद था। बच्चा नाली के किनारे पानी में पैर धो रहा था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह तेज बहाव वाली नाली में जा गिरा।
बच्चे को बहता देख उसके पिता और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे बचाने की कोशिश की। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बच्चे की तलाश शुरू कर दी गई। नाली में पानी का बहाव तेज होने के कारण रेस्क्यू टीम और स्थानीय लोगों को तलाश में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद बच्चे को नाली से बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
महादेवघाट में बढ़ा खारुन नदी का जलस्तर
लगातार बारिश के कारण रायपुर में खारुन नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। महादेवघाट के पास पानी पुल के ऊपर से बहने की स्थिति में पहुंच गया।
नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। डिपरपारा, शक्तिघाट, चंदनडीह और श्रीलंका नगर इलाके के करीब 120 परिवारों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को भी स्थिति सामान्य होने तक रोक दिया गया।
बस्तर में भी बाढ़ जैसे हालात, धमतरी में कार तेज बहाव में फंसी
बस्तर संभाग में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव के लिए 9 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां 380 से ज्यादा लोगों को शिफ्ट किया गया है।
बारिश के कारण कई सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। कुछ इलाकों में पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने के कारण रास्ते बंद किए गए हैं।
धमतरी जिले में भी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। एक पुल पर पानी के तेज बहाव के दौरान कार बहने लगी। कार में सवार दो लोगों ने किसी तरह शीशा तोड़कर बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
गंगरेल बांध से भी पानी छोड़े जाने के कारण आसपास के इलाकों में नदी का जलस्तर बढ़ा है।
कई सड़कें और परिवहन सेवाएं प्रभावित
बारिश के कारण प्रदेश में सड़क और परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। रायपुर-जगदलपुर मार्ग के काकड़ी घाट इलाके में पानी भरने के कारण यातायात प्रभावित हुआ।
बस्तर क्षेत्र में कुछ यात्री ट्रेनों को रद्द किया गया है। वहीं जगदलपुर से हैदराबाद जाने वाली उड़ान भी प्रभावित हुई। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में अमरकंटक जाने वाले मार्ग पर भूस्खलन के कारण आवागमन बाधित हुआ है।
प्रदेश में सामान्य से ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से 26 सितंबर तक छत्तीसगढ़ में 1190.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 1128.2 मिलीमीटर मानी जाती है। यानी प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 6 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है।
लगातार बारिश और नदी-नालों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी, नाले और तेज बहाव वाले पानी के पास नहीं जाने की अपील की है।











