नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने शनिवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi)से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव शामिल रहे। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों के साथ झीरम घाटी मामले की जांच और हालिया अदालत के फैसले को लेकर भी चर्चा हुई।
पूर्व मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया कि राहुल गांधी के सामने झीरम मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य रखे। उन्होंने कहा कि मामले में दोषी ठहराए गए 10 लोग मुख्य रूप से ग्रामीण थे और इनमें कुछ लोग खाना पहुंचाने या गड्ढे खोदने जैसे काम करते थे। वहीं, उनके अनुसार, मामले में जिन प्रभावशाली लोगों को फरार बताया गया, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
TS सिंहदेव ने यह भी कहा कि NIA की जांच में साजिश के पहलू पर पर्याप्त जांच नहीं हुई। उन्होंने राहुल गांधी को जांच से जुड़े दस्तावेजों और तथ्यों की जानकारी दी। सिंहदेव के मुताबिक, पैराग्राफ 307 में नंदकुमार पटेल और उनके बेटों की पहचान को लेकर पूछताछ का उल्लेख है, लेकिन इसके आगे जांच आगे नहीं बढ़ी।
नेताओं ने राहुल गांधी से मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर भी मदद मांगी। सिंहदेव ने बताया कि राहुल गांधी ने कानूनी राय के लिए संबंधित विशेषज्ञों से संपर्क करने की सलाह दी है। परिस्थितियों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल
मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने झीरम घाटी घटना से पहले नेताओं को उपलब्ध कराई गई सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विवरण भी मांगे। सिंहदेव के मुताबिक, उन्होंने पूछा कि सुरक्षा कहां, कब और किस स्तर पर उपलब्ध कराई गई थी।
बारिश के कारण बस्तर के नेता नहीं पहुंच सके दिल्ली
इस मुलाकात में बस्तर क्षेत्र के कुछ नेता शामिल नहीं हो सके। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बस्तर के नेताओं का रायपुर पहुंचना संभव नहीं हो सका, जिसके चलते वे आगे दिल्ली की यात्रा नहीं कर पाए।
बस्तर में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में आवागमन प्रभावित है। नदी-नालों के उफान और सड़क संपर्क प्रभावित होने के चलते कई स्थानों पर लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं की राहुल गांधी से यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब झीरम घाटी मामले में 13 साल बाद आए अदालती फैसले को लेकर राजनीतिक और कानूनी बहस तेज है। कांग्रेस नेताओं ने मामले की जांच, साजिश के पहलू और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को आगे उठाने की बात कही है।








