रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार बारिश के बीच केदारनाथ (Kedarnath) यात्रा पर एक बार फिर मौसम की मार पड़ी है। रविवार को चीरबासा हेलीपैड के पास पहाड़ी से अचानक बड़े-बड़े पत्थर और मलबा नीचे आ गिरा। इसकी चपेट में आने से 65 वर्षीय मदन मोहन तिवारी की मौके पर ही मौत हो गई। वह उखीमठ के रहने वाले थे। हादसे के बाद प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए केदारनाथ पैदल यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी।
रास्ते में मलबा और पत्थर गिरने से बढ़ा खतरा
बारिश के कारण चीरबासा हेलीपैड के पास पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। इससे केदारनाथ जाने वाला पैदल रास्ता प्रभावित हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, लगातार बारिश और पत्थर गिरने के कारण रास्ता साफ करने में भी परेशानी आ रही है। इससे पहले भी 11 और 12 सितंबर को इसी इलाके में मलबा आने के कारण यात्रियों की आवाजाही रोकी गई थी।
सोनप्रयाग और गौरीकुंड में रोके गए यात्री
प्रशासन ने केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को फिलहाल सोनप्रयाग और गौरीकुंड में रोकने के निर्देश दिए हैं। वहीं, केदारनाथ से वापस लौट रहे यात्रियों को जंगलचट्टी में रुकने के लिए कहा गया है। प्रशासन ने साफ कहा है कि रास्ता पूरी तरह सुरक्षित होने और अनुमति मिलने से पहले कोई भी यात्री आगे न बढ़े।
मौसम साफ होने के बाद ही खुलेगा रास्ता
प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें रास्ते से मलबा और पत्थर हटाने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम और रास्ते की स्थिति सामान्य होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी। सोमवार तक उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में चीरबासा मार्ग के फिर से खोलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यात्रियों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और खतरे वाले इलाकों में आगे नहीं बढ़ने की अपील की गई है।








