दंतेवाड़ा। पृथक बस्तर (Separate Bastar)राज्य की मांग को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। सेवा संकल्प अभियान के दौरान सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में बस्तर सांसद महेश कश्यप ने इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि कभी यह मांग जनमानस की आवाज बनती है, तो वे उसके साथ खड़े होने से पीछे नहीं हटेंगे।
हालांकि, मौजूदा समय में पृथक बस्तर की मांग उठाने वालों पर सांसद ने तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि ये वही लोग हैं, जिन्हें कश्मीर से आजादी और बस्तर से आजादी चाहिए। ऐसे लोगों से खुद को अनजान बताते हुए उन्होंने कहा कि देश में अलगाववाद, आतंकवाद और नक्सलवाद के लिए अब कोई जगह नहीं है।
महेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। ऐसे में बस्तर को अलगाव की राजनीति नहीं, बल्कि शांति, विकास और बेहतर अवसरों की जरूरत है।
जनमानस की आवाज बनी तो साथ खड़ा रहूंगा
सांसद के बयान का सबसे अहम पहलू यह रहा कि उन्होंने पृथक बस्तर की मांग को पूरी तरह खारिज करने के बजाय इसे जनभावना से जोड़ दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि भविष्य में यह मांग व्यापक जनमानस की आवाज बनती है, तो वे स्वयं उसके साथ खड़े होंगे।










