BRICS में पीएम मोदी ने कहा- ‘UNSC सुधार अब और नहीं टले, विकासशील देशों को मिले बड़ी भूमिका’

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत में आयोजित BRICS Summit 2026 का औपचारिक उद्घाटन किया। दो दिवसीय इस शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत BRICS देशों के कई बड़े नेता शामिल हुए हैं। उद्घाटन सत्र में पीएम मोदी ने वैश्विक व्यवस्था में बदलाव और विकासशील देशों की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया।

20 साल पूरे कर चुका है BRICS

पीएम मोदी ने कहा कि इस साल का BRICS सम्मेलन खास है, क्योंकि संगठन अपनी स्थापना के 20 साल पूरे कर रहा है। उन्होंने कहा कि 20 साल की उम्र किसी भी व्यक्ति के जीवन में परिपक्वता और नई जिम्मेदारियों का समय होता है। इसी तरह BRICS भी अब विकास के एक नए दौर में पहुंच चुका है प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में BRICS ने दुनिया के सामने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। संगठन में अलग-अलग देशों के विचारों का सम्मान किया जाता है और आम सहमति से आगे बढ़ने की कोशिश की जाती है।

‘BRICS किसी के खिलाफ नहीं’

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता का मुख्य आधार ‘जन-केंद्रित और मानवता प्रथम’ रहा है। भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान लचीलापन, नई सोच, सहयोग और स्थिरता को प्राथमिकता दी। उन्होंने बताया कि इस दौरान 350 से ज्यादा बैठकें हुईं और करीब 30 शहरों में BRICS देशों के प्रतिनिधियों का स्वागत किया गया। पीएम मोदी ने साफ कहा कि BRICS किसी देश के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य सभी देशों को साथ लेकर आगे बढ़ना और सहयोग को मजबूत करना है।

UNSC सुधार को लेकर मोदी का सीधा संदेश

प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में सुधार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि अब सुरक्षा परिषद में सुधार को और ज्यादा समय तक टाला नहीं जा सकता।

पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल साउथ, यानी विकासशील देशों को सिर्फ दुनिया के बड़े फैसलों का असर झेलने वाला पक्ष नहीं होना चाहिए। इन देशों को भी वैश्विक नियम और नीतियां बनाने में बराबर की भूमिका मिलनी चाहिए। उन्होंने मौजूदा वैश्विक व्यवस्था की तुलना एक पिरामिड से करते हुए कहा कि फैसले लेने की ताकत ऊपर के स्तर पर ज्यादा केंद्रित है, जबकि नीचे मौजूद देशों पर इन फैसलों का सीधा असर पड़ता है। ऐसे में वैश्विक संस्थाओं में इन देशों की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है।

BRICS में फैसलों को लागू करने का नया प्रस्ताव

पीएम मोदी ने BRICS के कामकाज को और मजबूत बनाने के लिए एक नया प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने ‘BRICS Continuity and Implementation Mechanism’ बनाने की बात कही। इसके तहत BRICS में लिए गए फैसलों और शुरू की गई पहलों की नियमित समीक्षा की जा सकती है। प्रधानमंत्री ने इसके लिए एक सुरक्षित डिजिटल रिपॉजिटरी बनाने का सुझाव दिया। इसमें हर फैसले के साथ उसकी जिम्मेदारी, समयसीमा और काम की प्रगति की जानकारी दर्ज की जा सकती है। मोदी ने कहा कि BRICS की अध्यक्षता हर साल बदलती है, लेकिन इससे संगठन के काम की रफ्तार धीमी नहीं होनी चाहिए। आने वाले 20 वर्षों के लिए BRICS को एक नया और महत्वाकांक्षी एजेंडा तैयार करना होगा।

सुबह 4 बजे तक चली बातचीत, संयुक्त बयान पर बनी सहमति

BRICS सम्मेलन से पहले सदस्य देशों के बीच संयुक्त बयान को लेकर लंबी बातचीत चली। सूत्रों के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 4 बजे तक सदस्य देशों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा होती रही। कई संवेदनशील मुद्दों पर अलग-अलग देशों की राय अलग थी। ऐसे में सभी को एक साझा सहमति पर लाने के लिए लगातार बातचीत और कूटनीतिक प्रयास किए गए। इसके बाद संयुक्त बयान पर सहमति बनने की खबर सामने आई है। अब इस संयुक्त बयान को BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान जारी किए जाने की उम्मीद है।

दुनिया की बदलती तस्वीर के बीच अहम सम्मेलन

BRICS Summit 2026 ऐसे समय हो रहा है, जब दुनिया में वैश्विक संस्थाओं में सुधार, विकासशील देशों की भूमिका और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर बहस तेज है। ऐसे में पीएम मोदी का UNSC सुधार पर जोर देना और BRICS के अगले 20 वर्षों के लिए नई दिशा तय करने की बात करना सम्मेलन के प्रमुख संदेशों में शामिल रहा।

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