मणिपुर । भारत में अमेरिका के राजदूत (Ambassador) सर्जियो गोर इन दिनों दो दिवसीय मणिपुर दौरे पर हैं। शनिवार को उन्होंने बिष्णुपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध लोकतक झील का दौरा किया। पूर्वोत्तर की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील के रूप में पहचानी जाने वाली लोकतक झील में गोर ने बोट राइड का आनंद लिया। इस दौरान उनके साथ कोलकाता स्थित अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास की महावाणिज्यदूत कैथी जाइल्स-डिएज भी मौजूद रहीं। लोकतक झील की प्राकृतिक खूबसूरती और यहां की अनोखी भौगोलिक विशेषताओं ने अमेरिकी राजदूत का ध्यान खींचा।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री से अलग-अलग मुलाकात
मणिपुर पहुंचने के बाद शुक्रवार शाम सर्जियो गोर ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की। दोनों के बीच भारत और अमेरिका के आपसी संबंधों को और मजबूत करने को लेकर चर्चा हुई। इसके बाद अमेरिकी राजदूत ने मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह से भी मुलाकात की। बैठक में मणिपुर के विकास, राज्य के भविष्य और भारत-अमेरिका के बीच आर्थिक रिश्तों को आगे बढ़ाने जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई।
मुख्यमंत्री ने संगई महोत्सव का दिया न्योता

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बैठक की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ मणिपुर के विकास और राज्य के भविष्य के विजन पर चर्चा हुई। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने अमेरिकी राजदूत को आगामी मणिपुर संगई महोत्सव में शामिल होने का विशेष निमंत्रण भी दिया।
कांग्ला फोर्ट और ख्वारइबंद केइथेल भी पहुंचे

सर्जियो गोर की मणिपुर यात्रा सिर्फ आधिकारिक बैठकों तक सीमित नहीं रही। उन्होंने राज्य के इतिहास और संस्कृति को भी करीब से समझने की कोशिश की। शुक्रवार को उन्होंने कांग्ला फोर्ट का दौरा किया। यह ऐतिहासिक किला कभी मणिपुर के प्राचीन राजवंश की राजधानी हुआ करता था। इसके अलावा गोर ने प्रसिद्ध ख्वारइबंद केइथेल का भी दौरा किया। यह बाजार अपनी अनोखी परंपरा के लिए दुनियाभर में जाना जाता है, क्योंकि यहां दुकानों का संचालन महिलाएं करती हैं।
द्विपक्षीय रिश्तों के साथ मणिपुर को समझने की कोशिश

सर्जियो गोर का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों को लेकर लगातार उच्चस्तरीय संपर्क बना हुआ है। मणिपुर यात्रा के दौरान आधिकारिक बैठकों के साथ स्थानीय इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक विरासत को करीब से देखना भी उनके कार्यक्रम का अहम हिस्सा रहा। लोकतक झील की बोट राइड से लेकर कांग्ला फोर्ट और ख्वारइबंद केइथेल के दौरे तक, अमेरिकी राजदूत ने मणिपुर को अलग-अलग पहलुओं से जानने की कोशिश की।










