नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने सम्मेलन और विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिए करीब 15 हजार पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियों की तैनाती की योजना बनाई है।
दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (प्रोटेक्टिव/सिक्योरिटी डिवीजन) मनीष कुमार अग्रवाल ने गुरुवार को बताया कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कोशिश है कि विदेशी प्रतिनिधियों और अन्य गणमान्य लोगों को अधिकतम सुरक्षा मिले, लेकिन आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।
एयरपोर्ट से होटल तक कड़ी निगरानी
अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था केवल सम्मेलन स्थल तक सीमित नहीं रहेगी। एयरपोर्ट, होटल, भारत मंडपम और विदेशी प्रतिनिधियों के संभावित दौरे वाले अन्य स्थानों पर भी सुरक्षा का व्यापक इंतजाम रहेगा।
अग्रवाल ने बताया कि सम्मेलन से जुड़े सभी प्रमुख और वैकल्पिक मार्गों का विस्तृत सर्वे किया जा चुका है। कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की जाएगी।
भारत मंडपम में बढ़ाया गया सुरक्षा घेरा
BRICS Summit का मुख्य आयोजन भारत मंडपम में होगा। यहां बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। प्रवेश और निकास पर नियंत्रण बढ़ाने के साथ ही निगरानी और सुरक्षा जांच को भी मजबूत किया गया है।
दिल्ली पुलिस ने सम्मेलन की सुरक्षा को लेकर कई एजेंसियों के साथ समन्वय बैठकें भी की हैं। पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ भी लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है, ताकि विदेशी मेहमानों के दिल्ली में आवागमन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की बाधा न आए।
ट्रैफिक पर भी पड़ेगा असर
विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और गणमान्य लोगों की आवाजाही के कारण दिल्ली में यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, ट्रैफिक से जुड़े प्रतिबंध 10 सितंबर से शुरू होकर करीब 14 सितंबर तक जारी रह सकते हैं।
दिल्ली पुलिस ने लोगों को पहले ही ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर वैकल्पिक मार्गों और यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी है।
खुफिया इनपुट पर एजेंसियों की नजर
सुरक्षा एजेंसियां खुफिया सूचनाओं को आपस में साझा कर रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, उपलब्ध सभी इनपुट का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है और उसके आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को अपडेट किया जाएगा।










