10 दिन में 190 यूनिट का ‘खेल’! स्मार्ट मीटर ने दिखाई 302 यूनिट, टेस्ट मीटर में सिर्फ 112

Smart Meter की सटीकता पर सवाल, एक ही उपभोक्ता के यहां दोनों मीटरों की रीडिंग में करीब 2.7 गुना का अंतर

रायपुर। स्मार्ट मीटर को लेकर छत्तीसगढ़ में लगातार उठ रहे सवालों के बीच अब बिजली विभाग के एक दस्तावेज ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। एक ही उपभोक्ता के यहां, एक ही 10 दिन की अवधि में स्मार्ट मीटर ने 302 यूनिट बिजली की खपत दिखाई, जबकि टेस्ट मीटर में सिर्फ 112 यूनिट दर्ज हुई। यानी कि दोनों रीडिंग के बीच अंतर 190 यूनिट का है।

मामला बैकुंठपुर का है, जहां छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के कनिष्ठ अभियंता ने 13 अगस्त 2026 को इस संबंध में पत्र जारी किया। पत्र में उपभोक्ता भावना गुप्ता के बिजली कनेक्शन पर स्मार्ट मीटर की जांच के लिए लगाए गए टेस्ट मीटर की रीडिंग का विवरण दिया गया है।

विभागीय दस्तावेज के मुताबिक, 27 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक दोनों मीटरों की रीडिंग की गई।

स्मार्ट मीटर की शुरुआती रीडिंग 5374 यूनिट थी, जो 10 दिन बाद बढ़कर 5676 यूनिट हो गई। यानी स्मार्ट मीटर ने 302 यूनिट की खपत दर्ज की।

वहीं टेस्ट मीटर की शुरुआती रीडिंग 2474 यूनिट थी और 10 दिन बाद यह 2589 यूनिट हुई। यानी टेस्ट मीटर ने महज 112 यूनिट की खपत दर्ज की। यानी कि 190 यूनिट का अंतर।

यानी जिस अवधि में टेस्ट मीटर ने 112 यूनिट बिजली की खपत बताई, उसी अवधि में स्मार्ट मीटर ने उससे करीब 2.7 गुना अधिक, 302 यूनिट खपत दर्ज कर दी।

बिजली कंपनी के आधिकारिक पत्र में यह मामला सामने आया है।

पत्र में जूनियर इंजीनियर ने बैकुंठपुर के एग्जिक्युटिव इंजीनियर को लिखा है कि टेस्ट के दौरान स्मार्ट मीटर द्वारा बिजली की खपत बराबर समयांतराल में टेस्ट मीटर से अधिक पाई गई है और ‘अग्रिम कार्यवाही’ के लिए सूचना मांगी गई है।

स्मार्ट मीटर को लेकर सबसे बड़ी चिंता उपभोक्ताओं के बिजली बिल से जुड़ी है। दावा किया जा रहा है कि जब से स्मार्ट मीटर लगा है तब से बिजली बिल भी अधिक आ रहा है।

यही वजह है कि यह मामला महज एक उपभोक्ता की रीडिंग का नहीं, बल्कि स्मार्ट मीटर की सटीकता और उसकी जांच की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े करता है।

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