जर्मनी । जर्मनी के पूर्वी राज्य सक्सोनी-आनहाल्ट में दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) ने बड़ी चुनावी जीत दर्ज की है। शुरुआती नतीजों के मुताबिक AfD को 43.8 फीसदी वोट मिले हैं, जबकि उसकी प्रमुख प्रतिद्वंद्वी कंजरवेटिव पार्टी CDU को 17.2 फीसदी वोट हासिल हुए।
हालांकि, सबसे अधिक वोट मिलने के बावजूद AfD स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं कर सकी है। ऐसे में राज्य में सरकार बनाने के लिए पार्टी को दूसरी पार्टियों के समर्थन या गठबंधन की जरूरत पड़ सकती है।
AfD नेता ने बताया ‘ऐतिहासिक जनादेश’
राज्य में AfD के प्रमुख नेता उलरिख सीगमुंड ने चुनाव परिणाम को पार्टी की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने AfD को सरकार चलाने का जनादेश दिया है।
नतीजे सामने आने के बाद सीगमुंड के साथ पार्टी की राष्ट्रीय सह-नेता एलिस वाइडल और टिनो क्रुपाला भी उत्साहित नजर आए। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, 2021 के चुनाव की तुलना में इस बार AfD के वोट में दोगुने से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
पहली बार राज्य सरकार बनाने का दावा
सक्सोनी-आनहाल्ट में AfD के प्रदर्शन ने जर्मनी की राजनीति में नई बहस को जन्म दिया है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अब तक किसी दक्षिणपंथी पार्टी ने जर्मनी के किसी राज्य में सरकार का नेतृत्व नहीं किया है।
अगर AfD सरकार बनाने में सफल होती है, तो राज्य के पुलिस, शिक्षा और संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की नीतियों पर उसका प्रभाव बढ़ सकता है।
खुफिया एजेंसी ने AfD को ‘दक्षिणपंथी चरमपंथी’ बताया
सक्सोनी-आनहाल्ट में जर्मनी की घरेलू खुफिया एजेंसी ने AfD को ‘दक्षिणपंथी चरमपंथी’ संगठन के रूप में वर्गीकृत किया है। हालांकि, AfD नेता उलरिख सीगमुंड ने इस वर्गीकरण को खारिज किया है।
अब गठबंधन की चुनौती
करीब 21 लाख आबादी वाले इस पूर्वी जर्मन राज्य में AfD की बड़ी जीत को देश की बदलती राजनीतिक तस्वीर के महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। सबसे बड़ी चुनौती अब सरकार गठन की है। बहुमत से दूर AfD को सत्ता में आने के लिए दूसरी पार्टियों के समर्थन की जरूरत होगी, जबकि अन्य दलों का उसके साथ गठबंधन को लेकर रुख महत्वपूर्ण होगा।











