नई दिल्ली। कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर अपने संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। पार्टी अध्यक्ष ने कई राज्यों के लिए नए महासचिव और प्रभारी नियुक्त किए हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने 5 सितंबर को इसकी जानकारी दी। इस फेरबदल में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जिम्मेदारी में बदलाव सबसे ज्यादा चर्चा में है। उन्हें पंजाब से हटाकर अब असम का महासचिव प्रभारी बनाया गया है।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट को भूपेश बघेल की जगह पंजाब में प्रभारी महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। सचिन पायलट की नियुक्ति राहुल गांधी के दौरे से पहले हुई है। भूपेश बघेल को असम का प्रभारी लगाया गया है। इसके अलावा रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात, सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़, डॉ. श्रीवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र और पीवी मोहन को आंध्रप्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। मुकुल वासनिक को किसी भी राज्य की जिम्मेदारी नहीं दी गई है।
पंजाब में फरवरी 2027 में चुनाव है। छत्तीसगढ़ में नवंबर 2028, आंध्रप्रदेश में मई 2029, महाराष्ट्र में नवंबर 2029 और असम में अप्रैल 2031 में चुनाव होंगे।
सचिन पायलट को पंजाब, सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी

कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के प्रभारी महासचिव रहे सचिन पायलट को अब पंजाब की जिम्मेदारी सौंपी है। पायलट अब पंजाब कांग्रेस के संगठन और राजनीतिक गतिविधियों की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, उनकी जगह सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।
सुखदेव भगत झारखंड के लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य हैं। वे 2019 में भाजपा में शामिल हुए और झारखंड विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार रामेश्वर ओरांव से हार गए। बाद में उन्होंने दोबारा कांग्रेस जॉइन कर ली। 2024 को उन्होंने लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर ली।
कांग्रेस के इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ में पार्टी संगठन को लेकर भी नई रणनीति की उम्मीद की जा रही है। सुखदेव भगत के सामने प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और पार्टी नेताओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने की चुनौती होगी।
सुरजेवाला को गुजरात और कर्नाटक की अतिरिक्त जिम्मेदारी

संगठन में हुए बदलाव के तहत रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का महासचिव प्रभारी बनाया गया है। उन्हें कर्नाटक की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है।
इसके अलावा डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र और पी.वी. मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। कांग्रेस ने तीन निवर्तमान महासचिव प्रभारियों की जिम्मेदारियां भी समाप्त की हैं। इनमें जितेंद्र सिंह, रमेश चेन्निथला और मणिकम टैगोर शामिल हैं। वहीं, मुकुल वासनिक AICC महासचिव के पद पर बने रहेंगे।
असम से जितेंद्र सिंह के इस्तीफे के बाद से वहां कोई प्रभारी नहीं था। रमेश चेन्निथला के केरल सरकार में कैबिनेट मंत्री के बाद महाराष्ट्र में नए प्रभारी की नियुक्ति होनी थी।
पंजाब से असम भेजे जाने के पीछे क्या है सियासी कहानी?
भूपेश बघेल को पंजाब की जिम्मेदारी से हटाकर असम भेजे जाने के फैसले को पंजाब कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान से जोड़कर भी देखा जा रहा है। पिछले कुछ समय से पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी और अंदरूनी मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं।
बघेल को लेकर भी पार्टी के भीतर विरोध की स्थिति सामने आई थी। लुधियाना में कांग्रेस की एक बैठक के दौरान कथित तौर पर कुछ कार्यकर्ताओं ने ‘भूपेश बघेल गो बैक’ के नारे लगाए थे। ऐसे में अब संगठन में बदलाव के बाद यह चर्चा तेज है कि पंजाब में बघेल को लेकर सामने आए विरोध का इस फैसले पर कितना असर रहा।
हालांकि, कांग्रेस की ओर से बघेल को असम भेजे जाने के पीछे किसी विशेष कारण की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए पंजाब में हुए विरोध और संगठनात्मक बदलाव के बीच सीधा संबंध मानना फिलहाल राजनीतिक विश्लेषण का विषय है।
असम में बघेल के सामने बड़ी चुनौती

भूपेश बघेल को अब असम जैसे महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी मिली है। पूर्वोत्तर में कांग्रेस के संगठन को मजबूत करना उनके सामने बड़ी चुनौती होगी। वहीं पंजाब में सचिन पायलट की नियुक्ति को भी पार्टी की नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच पायलट के सामने अलग-अलग गुटों के बीच तालमेल बनाने और संगठन को मजबूत करने की चुनौती होगी।









