नई दिल्ली। NSUI के प्रभारी Dr. Kanhaiya Kumar ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दावे पर सवाल उठाया, जिसमें देश में महंगाई नियंत्रण में होने की बात कही जा रही है।
डॉ. कन्हैया कुमार ने कहा कि सरकार भले ही अपने PR कैंपेन के जरिए महंगाई और बेरोजगारी को लेकर अलग तस्वीर पेश करने की कोशिश कर रही हो, लेकिन देश की जनता वास्तविक परिस्थितियों से जूझ रही है। उनके मुताबिक, देश में बेरोजगारी और महंगाई ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चाहती है कि देश की जनता PR कैंपेन में बोले गए दावों को सच मानकर अपने वास्तविक हालात को भूल जाए। कन्हैया कुमार ने कहा कि महंगाई और रोजगार जैसे मुद्दे आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़े हुए हैं और केवल प्रचार के जरिए इन समस्याओं को खत्म नहीं किया जा सकता।
‘स्कूल-कॉलेज बंद हो रहे, परीक्षा तक ठीक से नहीं करा पा रहे’
NSUI प्रभारी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में स्कूल और कॉलेज बंद हो रहे हैं, वहीं सरकार एक परीक्षा तक ठीक तरीके से आयोजित नहीं कर पा रही है।
उन्होंने विश्वविद्यालयों में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और कथित हिरासत का मुद्दा उठाते हुए कहा कि छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। कन्हैया कुमार ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालयों में जाकर छात्रों को हिरासत में लिया जा रहा है और इसके जरिए सरकार अपना PR कैंपेन चला रही है।
‘अब मोदी सरकार की सच्चाई सामने आ चुकी है’
कन्हैया कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि अब सरकार की सच्चाई देश के सामने आ चुकी है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से सरकार को छात्रों की आवाज से परेशानी हो रही है।
उन्होंने कहा, ‘मोदी जी, अब आपकी सच्चाई सबके सामने आ चुकी है। इसलिए आपको ‘छात्रों की गूंज’ से परेशानी हो रही है।’
NSUI प्रभारी ने आगे कहा कि छात्रों की यही आवाज आने वाले समय में देश में बदलाव की आवाज बनेगी। उन्होंने दावा किया कि छात्र सरकार के दावों और उसकी नीतियों पर सवाल उठाते रहेंगे और यही आवाज सरकार के कथित झूठ और खोखले दावों का पर्दाफाश करेगी।
कन्हैया कुमार के इस बयान के बाद महंगाई, बेरोजगारी और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच सियासी टकराव और तेज होने के संकेत हैं।









