नेपाल बाढ़ आपदा, मौतों का आंकड़ा बढ़ा, भोटेकोशी नदी में फिर खतरा

लेंस डेस्क । नेपाल में हालिया विनाशकारी बाढ़ (Nepal flood disaster) और भूस्खलन के बाद राहत और बचाव कार्य जारी हैं। हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं। मरने वालों की संख्या बढ़ रही है, हजारों लोग लापता हैं और कई नदियों का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। भारत समेत कई देशों से सहायता पहुंच रही है।

मौतों और लापता लोगों की ताजा स्थिति

नेपाल सरकार के आंकड़ों के अनुसार अब तक बाढ़ में 700 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 734 तक बताई गई है, जबकि पहले के आंकड़ों में 675 का जिक्र था। लापता लोगों की संख्या 2400 से अधिक है। इनमें सैकड़ों भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।

भारत सरकार के अनुसार 275 से अधिक भारतीय अभी भी लापता या संपर्क से बाहर हैं। अब तक 108 भारतीयों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। चीन की तरफ मौजूद करीब 900 भारतीय सुरक्षित हैं और संपर्क में हैं।

अमेरिका ने दी 36 लाख डॉलर से अधिक की सहायता

काठमांडू स्थित अमेरिकी दूतावास ने बताया कि अमेरिका ने नेपाल को 36 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की मानवीय सहायता दी है। इसमें 10,000 परिवारों के लिए आपातकालीन खाद्य सामग्री भी शामिल है। दूतावास ने कहा कि वे नेपाल सरकार और राहत संगठनों के साथ मिलकर प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने का काम कर रहे हैं। अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और दोनों देशों के दूतावास मिलकर काम कर रहे हैं।

तिब्बत क्षेत्र में विदेशी नागरिक लापता

चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में भूस्खलन के बाद 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक लापता बताए गए हैं। वहां मृतकों की संख्या 16 हो गई है। लापता लोगों में नेपाल से 104, भारत से 49, लातविया से 33, अमेरिका से 18 और ब्रिटेन से 15 नागरिक शामिल हैं। कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, रूस अफ्रीका समेत कई अन्य देशों के लोग भी इस सूची में हैं। चीनी अधिकारियों ने संबंधित दूतावासों को जानकारी दे दी है।

भारत की मदद और बचाव अभियान

भारत ने नेपाल को कई बार राहत सामग्री भेजी है। चौथा विमान कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और स्वच्छता किट समेत 11 टन सामग्री लेकर काठमांडू पहुंच चुका है। इसमें सुरंग खोज और बचाव के लिए तकनीकी दल और उपकरण भी शामिल थे।

नेपाल के वित्त मंत्री ने भारत से मिली मदद की सराहना की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। भारत ने सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए 11 विशेषज्ञों की टीम भी भेजी है। यह वही टीम है जिसने पहले उत्तराखंड के सिलक्यारा सुरंग हादसे में काम किया था। टीम में डॉक्टर, डीएनए विशेषज्ञ और सुरंग इंजीनियर शामिल हैं।

भारतीय फोरेंसिक टीम की भूमिका

भारत से आई फोरेंसिक टीम नेपाल पहुंच चुकी है। भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने टीम से मुलाकात की। यह टीम शवों की पहचान के लिए डीएनए सैंपलों का विश्लेषण करने में नेपाली अधिकारियों की मदद करेगी।

विभिन्न राज्यों के नागरिकों की स्थिति

तमिलनाडु: राज्य के 319 लोगों में से 219 सुरक्षित हैं और 31 अगस्त तक तमिलनाडु पहुंचने वाले हैं। शेष 100 अभी भी लापता माने जा रहे हैं।
ओडिशा: चार लोग लापता हैं, जबकि दो सुरक्षित भारत लौट आए हैं। कुछ अन्य लोग पोखरा में सुरक्षित हैं।
केरल: 16 लोग सुरक्षित घर लौट चुके हैं। 45 लोगों की सुरक्षा की पुष्टि हो गई है। सात व्यक्ति अभी संपर्क से बाहर हैं।
नागपुर (महाराष्ट्र): 102 तीर्थयात्री काठमांडू से सुरक्षित नागपुर लौट आए हैं।

भोटेकोशी नदी में फिर बढ़ा जलस्तर

26 अगस्त की बाढ़ के बाद भोटेकोशी नदी का जलस्तर और बहाव फिर बढ़ रहा है। नेपाल की आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों के नदी किनारे रहने वाले लोगों और राहत टीमों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने आपात सेवाओं को अलर्ट पर रखा है।

बिहार और उत्तर प्रदेश में भी चिंता

नेपाल में हो रही बारिश से बिहार की गंडक समेत कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के पास या पार पहुंच गया है। प्रशासन नदी क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा रहा है। उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर में भी सतर्कता बरती जा रही है। नेपाल के तराई क्षेत्रों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है।

चीन में फंसे भारतीयों और तलाश के प्रयास

पिछले दिनों चीन से सैकड़ों भारतीय सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में 24 घंटे कंट्रोल रूम बनाया है। काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों में हेल्पलाइन सक्रिय हैं। सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेष दल काम कर रहा है।

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