नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ की भिलाई नगर विधानसभा चुनाव विवाद में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव (Devendra Yadav)को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 30 जून 2026 के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया गया है।
अब भिलाई नगर विधानसभा चुनाव से जुड़ी निर्वाचन याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में नियमित सुनवाई और ट्रायल की प्रक्रिया आगे जारी रहेगी। यह मामला भाजपा नेता और पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय की ओर से दायर निर्वाचन याचिका से जुड़ा है।
क्या है पूरा मामला?
भिलाई नगर विधानसभा सीट से देवेंद्र यादव के निर्वाचन को चुनौती देते हुए प्रेम प्रकाश पांडेय ने हाईकोर्ट में निर्वाचन याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि नामांकन के दौरान दाखिल शपथ-पत्र में जरूरी जानकारियों का समुचित खुलासा नहीं किया गया। साथ ही लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 से जुड़े प्रावधानों और कथित भ्रष्ट आचरण को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान देवेंद्र यादव की ओर से कुछ मुद्दों को प्रारंभिक स्तर पर ही तय करने की मांग की गई थी। उनका तर्क था कि इन मुद्दों पर पहले फैसला होने से चुनाव याचिका की आगे की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 30 जून 2026 को उनकी मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने माना कि संबंधित मुद्दे केवल कानून के सवाल नहीं हैं, बल्कि उनमें तथ्य और कानून दोनों शामिल हैं। इसलिए इनका फैसला साक्ष्यों और नियमित ट्रायल के बाद ही किया जाना उचित होगा।
पहले भी सुप्रीम कोर्ट से मिल चुका है झटका
हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए देवेंद्र यादव ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई के बाद उनकी SLP खारिज कर दी और हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
इस फैसले के बाद अब निर्वाचन याचिका का ट्रायल छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में ही आगे बढ़ेगा। दोनों पक्षों को अपने-अपने दावे के समर्थन में साक्ष्य और दलीलें पेश करनी होंगी।
भिलाई नगर चुनाव विवाद में यह पहली बार नहीं है जब देवेंद्र यादव की याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज हुई है। इससे पहले फरवरी 2026 में भी उन्होंने हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की थी, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था।
अब सबकी नजर हाईकोर्ट की सुनवाई पर
सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद भिलाई नगर विधानसभा चुनाव से जुड़ा विवाद एक बार फिर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में केंद्रित हो गया है। अब आगे की सुनवाई में साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर निर्वाचन याचिका पर फैसला होगा। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सीधा असर यही है कि देवेंद्र यादव को चुनाव याचिका की नियमित कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।








