नई दिल्ली। बिहार के नालंदा जिले के नूरसराय ब्लॉक में मंगलवार को सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाने के (mid-day meal food) बाद 34 बच्चे बीमार पड़ गए। स्कूल के प्रिंसिपल ने बताया कि बच्चों ने जब खाने के साथ अतिरिक्त नमक मांगा तो रसोइये ने गलती से उन्हें डिटर्जेंट पाउडर दे दिया।
नालंदा जिला प्रशासन के एक अधिकारी के मुताबिक, परासी में मिडिल स्कूल के 17 छात्र और 17 छात्राओं की तबीयत खाना खाने के बाद बिगड़ गई। इसके बाद सभी को बिहारशरीफ सदर अस्पताल ले जाया गया जहां उनका इलाज किया गया। जिला प्रशासन ने बताया कि फिलहाल सभी बच्चे स्वस्थ हैं और खतरे से बाहर हैं।एक वीडियो में स्कूल के प्रिंसिपल शैलेंद्र कुमार सिंह स्थानीय पत्रकारों को घटना के बारे में जानकारी देते नजर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल में मिड-डे मील एक एनजीओ के जरिए उपलब्ध कराया जाता है और निर्धारित मेन्यू के अनुसार मंगलवार को बच्चों को चावल और सोयाबीन-आलू की सब्जी दी गई थी।
स्कूल के प्रधानाध्यापक ने बताया कि स्कूल में मिड-डे मील अलग-अलग बार परोसा जाता है। उन्होंने एक वीडियो में कहा कि दूसरे चरण के दौरान एक छात्रा ने खाने के साथ अतिरिक्त नमक मांगा। यह छात्रा स्कूल की एक रसोइया की पोती बताई जा रही है। आरोप है कि रसोइया ने गलती से नमक की जगह डिटर्जेंट पाउडर उठा लिया और उसे छात्रा के खाने में मिला दिया।प्रिंसिपल के मुताबिक, जब दूसरे बच्चों ने रसोइया को अपनी पोती को ही अतिरिक्त नमक देते देखा तो उन्होंने भी नमक की मांग की। इसके बाद उन्हें भी गलती से वही डिटर्जेंट पाउडर दे दिया गया। कुछ ही देर बाद बच्चों ने गले और पेट में दर्द की शिकायत शुरू कर दी। इसके बाद स्कूल प्रबंधन को गलती का पता चला।
स्कूल प्रबंधन ने शुरुआत में प्रभावित बच्चों को लक्षणों से राहत देने के लिए गुनगुना नमक का पानी दिया। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए पहले भागन बिगहा स्थित डेंटल कॉलेज ले जाया गया जहां से आगे के इलाज के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।जिला अधिकारी का कहना है कि डॉक्टरों ने सभी बच्चों की जांच की और उनकी स्थिति स्थिर है।अधिकारियों ने बताया कि मिड-डे मील की सप्लाई ‘एकता शक्ति फाउंडेशन’ की नगरनौसा के रामघाट की केंद्रीय रसोई से की गई थी। एक अधिकारी के मुताबिक, खाना परोसने से पहले स्कूल के दो रसोइयों और दो शिक्षकों ने खुद खाना खाया था। इसके बाद दोपहर करीब 12:30 बजे सभी 132 छात्रों को खाना परोसा गया। इनमें से 34 बच्चों ने तबीयत खराब होने की शिकायत की जिसके बाद उन्हें करीब 2:15 बजे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जिला अधिकारी ने बताया कि फाउंडेशन की केंद्रीय रसोई से चंडी, नगरनौसा और नूरसराय प्रखंडों के 206 स्कूलों में रोजाना करीब 23000 बच्चों के लिए मिड-डे मील भेजा जाता है।अधिकारियों ने बताया कि खाने के सैंपल की जांच कराई जाएगी। इस बीच शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी अस्पताल पहुंचे जहां बच्चों को भर्ती कराया गया था। बिहार के मंत्री श्रवण कुमार ने भी सदर अस्पताल जाकर बच्चों से मुलाकात की और डॉक्टरों को उनके उचित इलाज के निर्देश दिए।जिला प्रशासन के मुताबिक, डॉक्टरों की जांच में सभी बच्चे स्वस्थ और खतरे से बाहर पाए गए। जांच के समय बच्चों में किसी तरह के प्रतिकूल स्वास्थ्य प्रभाव की पुष्टि नहीं हुई। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल इस मामले में कोई FIR या शिकायत दर्ज नहीं की गई है।











