AI से बनाई गई आपत्तिजनक तस्वीरों से छवि खराब करना दंडनीय अपराध : महिला आयोग

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग (Women’s Commission) की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू और सदस्य सुश्री दीपिका शोरी ने आज रायपुर स्थित आयोग कार्यालय में महिला उत्पीड़न से जुड़े 30 प्रकरणों में से 17 की सुनवाई की, जबकि 5 प्रकरण नस्तीबद्ध कर दिए गए।

सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया, जिसमें आवेदिका की एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जरिए आपत्तिजनक तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर उसकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया।

आयोग ने इसे गंभीर साइबर अपराध करार देते हुए स्पष्ट किया कि ऐसी हरकतें कानूनन दंडनीय हैं और पीड़िता संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए स्वतंत्र है।

इसके अलावा घरेलू हिंसा, धमकी, संपत्ति से बेदखली, वैवाहिक विवाद और पारिवारिक प्रताड़ना से जुड़े अन्य मामलों की भी सुनवाई की गई, जिनमें संबंधित पक्षों को समझाइश, विधिक परामर्श और उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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