लेंस न्यूज। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 6 अगस्त को ‘बर्थराइट सिटिजनशिप’ (Birthright Citizenship) को लेकर दो नए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स (Executive Orders) पर हस्ताक्षर किए हैं। प्रशासन का नया रुख मुख्य रूप से ‘Birth Tourism’, विदेशी सरकारी एजेंटों के बच्चों और ‘Alien Enemies’ घोषित लोगों को निशाना बनाता है। इस नए आदेश के बाद अमेरिका में रह रहे लाखों भारतीय पेशेवरों, विशेषकर H-1B, L-1, H-4 और F-1 वीजाधारकों के बीच अपने बच्चों की नागरिकता को लेकर चिंता और बहस फिर से छिड़ गई है।
क्या हैं नए 2026 के आदेश?
व्हाइट हाउस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, ये नए कार्यकारी आदेश पूरी तरह से चुनिंदा श्रेणियों पर केंद्रित हैं:
Birth Tourism: जो विदेशी नागरिक सिर्फ बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से यात्रा करते हैं।
विदेशी एजेंट:विदेशी सरकारों के कर्मचारियों या एजेंटों के अमेरिका में जन्मे बच्चे।
Alien Enemies: अमेरिकी कानून के तहत ‘एलियन एनिमी’ घोषित व्यक्ति।
व्यावसायिक सरोगेसी: कुछ विशिष्ट व्यावसायिक या सरोगेसी व्यवस्थाएं।
इन नए आदेशों में H-1B, L-1 या F-1 वीजाधारकों के बच्चों को सीधे तौर पर नागरिकता से वंचित करने का उल्लेख नहीं है।
2025 का व्यापक आदेश और वर्तमान अदालती रोक
डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2025 में अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में एक व्यापक आदेश जारी किया था। उस आदेश का उद्देश्य H-1B, L-1 और F-1 जैसे अस्थायी वीजा पर अमेरिका में रह रहे माता-पिता के बच्चों को जन्मसिद्ध नागरिकता से बाहर करना था।
हालांकि, कई अमेरिकी संघीय अदालतों ने उस आदेश को असंवैधानिक करार देते हुए उस पर तुरंत रोक (Injunction) लगा दी थी। न्यू हैम्पशायर की अदालत द्वारा लगाई गई वर्ग-व्यापी रोक अभी भी प्रभावी है, और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने भी उस व्यापक आदेश को मंजूरी नहीं दी है।
भारतीय समुदाय पर क्या होगा असर?
यदि भारतीय माता-पिता H-1B, L-1, H-4 या F-1 वीजा पर कानूनी रूप से अमेरिका में रह रहे हैं और उनके बच्चे का जन्म अमेरिकी धरती पर होता है, तो वह बच्चा 14वें संवैधानिक संशोधन के तहत जन्म से ही अमेरिकी नागरिक माना जाएगा।
अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन स्पष्ट करता है कि संयुक्त राज्य अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में जन्मे सभी व्यक्ति वहां के नागरिक हैं। 1898 के ऐतिहासिक मामले (United States v. Wong Kim Ark) में भी सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ किया था कि कानूनी रूप से मौजूद गैर-नागरिकों के बच्चों को जन्मसिद्ध नागरिकता का अधिकार है।
नागरिकता खत्म होने के लिए क्या होना जरूरी है?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक निम्नलिखित में से कोई एक स्थिति नहीं बनती, तब तक कानूनी रूप से रह रहे भारतीय प्रवासियों के बच्चों की नागरिकता पर कोई खतरा नहीं है –
- सुप्रीम कोर्ट 14वें संशोधन की नई और संकीर्ण व्याख्या को मंजूरी दे दे।
- अमेरिकी कांग्रेस और अदालतें मिलकर नया संवैधानिक ढांचा तैयार करें।
- संवैधानिक संशोधन (Constitutional Amendment) पारित हो – जो कि अमेरिका की मौजूदा राजनीतिक स्थिति में बेहद मुश्किल है।
ट्रंप के नए आदेश केवल ‘बर्थ टूरिज्म’ और विशिष्ट मामलों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। फिलहाल H-1B, L-1 या स्टूडेंट वीजा पर कानूनी रूप से रह रहे भारतीय माता-पिता के अमेरिका में जन्मे बच्चे कानूनन अमेरिकी नागरिक बने रहेंगे। व्यापक प्रतिबंधों वाला मामला अभी भी अमेरिकी अदालतों में लंबित है।











