भोपाल। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा के साथ ही BJP के भीतर असंतोष का ऐसा ज्वालामुखी फटा है, जिसने भोपाल से लेकर दिल्ली तक के नेतृत्व को हिलाकर रख दिया है।पूर्व संभागीय संगठन मंत्री आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाए जाने के विरोध में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) के समर्थक उग्र हो गए है।
दतिया शहर में कई जगह दुकानें बंद कर दी गई हैं, वहीं आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने मुख्य हाईवे को पूरी तरह जाम कर टायर फूंकते हुए जमकर नारेबाजी शुरू कर दी है।
भाजपा के जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को अपना सामूहिक इस्तीफा भेज दिया है। पत्र में साफ तौर पर केंद्रीय नेतृत्व के फैसले को ‘एकतरफा’ और कार्यकर्ताओं का अपमान बताया गया है।
बता दें कि भाजपा ने उन्हें उनकी परंपरागत दतिया सीट से भी बेदखल कर दिया। चर्चा है यह भी है कि उन्होंने नामांकन के लिए फार्म भी खरीद लिया था, लेकिन पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया।
जब नरोत्तम मिश्रा गृहमंत्री थे, तब वे लगभग हर दिन मीडिया के सामने आकर प्रदेश, देश और दुनिया के मुद्दों पर बयान देते थे। उनके बयानों में झलकने वाला कथित अहंकार ही उनकी हार का बड़ा कारण माना गया था।
आज स्थिति यह है कि जिस नेता को कभी मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जाता था, वह अपनी परंपरागत सीट से भी बाहर हो चुका है। हाल में नरोत्तम मिश्रा का नाम भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा के सांसद उम्मीदवार के लिए भी चला था लेकिन, यहां भी निराशा हाथ लगी थी।










