नकटी पर हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ने कहा – ‘विधायक कॉलोनी कांग्रेस का फेक नैरेटिव’

Nakti

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नकटी गांव (Nakti) में हुई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच भाजपा ने कांग्रेस के उस आरोप को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा जा रहा है कि ग्रामीणों को विधायक कॉलोनी बनाने के लिए हटाया गया।

छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि ‘नकटी में विधायक कॉलोनी बनाने की बात कांग्रेस का फेक नैरेटिव है। फिलहाल वहां न तो विधायक आवास का कोई प्रस्ताव है और न ही जमीन किसी विभाग को आवंटित की गई है।’

भाजपा के इस दावे के बीच यह बात गौर करने वाली है कि मार्च 2025 में ही विधानसभा में खुद राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा यह स्वीकार कर चुके हैं कि विधायक कॉलोनी के लिए नकटी क्षेत्र में जमीन देखी गई थी।

इसी बयान के आधार पर कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है कि नकटी में हुई कार्रवाई का उद्देश्य विधायक आवास परियोजना के लिए जमीन खाली कराना था।

ऐसे में अब इस मुद्दे पर सरकार और भाजपा के बयानों को लेकर नए सवाल खड़े हो रहे हैं।

भूमि अभी भी राजस्व विभाग के पास

अनुराग सिंहदेव ने कहा कि नकटी में 22.73 हेक्टेयर सरकारी और 24.175 हेक्टेयर निजी भूमि है। उनका दावा है कि वर्ष 2022-23 से पहले केवल 3 हेक्टेयर भूमि पर कच्चे मकानों का अतिक्रमण था, जबकि अधिकांश अतिक्रमण इसके बाद हुआ।

उन्होंने कहा कि वहां 10 हजार वर्गफीट से अधिक क्षेत्र पर कब्जा करने वाले कम से कम 20 लोग थे, जिससे अतिक्रमण का स्वरूप समझा जा सकता है।

सिंहदेव ने कहा कि वर्तमान में वह भूमि राजस्व विभाग के पास है। न तो उसे किसी एजेंसी को आवंटित किया गया है और न ही वहां किसी निर्माण का प्रस्ताव है। इसलिए विधायक कॉलोनी बनाने की बात पूरी तरह भ्रामक है।

2020 में भूपेश सरकार ने मांगी थी जमीन

अनुराग सिंहदेव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि 1 सितंबर 2020 को तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के दौरान आवास विभाग ने इस भूमि की मांग सामान्य आवास के लिए की थी, न कि विधायक कॉलोनी के लिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब इस पूरे मामले में गलत नैरेटिव तैयार कर रही है।

सिंहदेव ने आरोप लगाया कि नकटी विवाद को कांग्रेस ने राजनीतिक रंग दिया और लोगों की भावनाएं भड़काईं। उन्होंने कहा कि आवास मंत्री ओपी चौधरी के सरकारी बंगले पर पहुंचकर गेट तोड़ने और अंदर घुसने की कोशिश की गई, जो आपराधिक कृत्य है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रभावित परिवारों का पुनर्वास किया गया है।

भूपेश सरकार के छेड़ीखेड़ी में 61 विधायकों को जमीन देने का मुद्दा उठाया

हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि 61 विधायकों को छेड़ीखेड़ी में भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय भूपेश बघेल सरकार के दौरान हुआ था। उस समय करीब 250 अवैध कब्जाधारी परिवारों को हटाया गया, लेकिन उनका पुनर्वास नहीं किया गया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भूपेश सरकार ने अपने कार्यकाल में 292 दिन तक चले किसानों के आंदोलन को भी दबाने का काम किया था।

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले भाजपा के महामंत्री नवीन मार्कंडेय और प्रदेश प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नकटी में हुए अतिक्रमण और कब्जाधारियों को लेकर सरकार का पक्ष रखा था। अब लगातार दूसरे दिन भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया है।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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