रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नकटी गांव (Nakti) में बुलडोजर कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने अब इस मुद्दे पर अपनी सक्रियता तेज कर दी है। अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने और आगे की रणनीति तय करने के लिए 13 सदस्यीय समिति का गठन किया है।
समिति के संयोजक पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू बनाए गए हैं। इसमें पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, जिला कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ प्रभावित ग्रामीणों को भी शामिल किया गया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर गठित इस समिति में डॉ. शिवकुमार डहरिया, विकास उपाध्याय, राजेंद्र बंजारे, श्रीकुमार शंकर मेनन, पूर्व विधायक अनीता शर्मा, पंकज शर्मा, भावेश बघेल, आशिष वर्मा के अलावा प्रभावित ग्रामीण कमलनारायण साहू, मुकेश पाल, लता साहू और देवेश्वरी यादव को सदस्य बनाया गया है। समिति को प्रभावित परिवारों के साथ समन्वय बनाकर आगे की रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
26 जून को प्रशासन द्वारा नकटी गांव के लोगों को नोटिस जारी किया था। 29 जून को बुलडोजर कार्रवाई के 24 घंटे बाद कांग्रेस नेताओं ने नकटी गांव पहुंचकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इसके बाद धरना-प्रदर्शन और अब रणनीति समिति का गठन किया गया है।
बंगला नहीं लेने की अपील, कई विधायकों ने लिखे पत्र
नकटी विवाद के बीच कांग्रेस संगठन अपने विधायकों के रुख को भी सार्वजनिक कर रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पहले ही पार्टी के सभी विधायकों से नकटी में प्रस्तावित विधायक आवास के लिए भूखंड स्वीकार नहीं करने की अपील कर चुके हैं।
वहीं, कांग्रेस के कई विधायक भी सरकार को पत्र लिखकर नकटी में प्रस्तावित भूखंड लेने से इनकार कर चुके हैं। इनमें जनकलाल ध्रुव, चातुरी नंद, कविता प्राण लहरे, संदीप साहू और फूल सिंह राठिया प्रमुख हैं।
इन विधायकों ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में नकटी के बजाय नवा रायपुर या किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर विधायक आवास के लिए भूमि आवंटित करने की मांग की है। उनका तर्क है कि स्थानीय ग्रामीणों की भावनाओं और आजीविका को प्रभावित किए बिना वैकल्पिक स्थान पर कॉलोनी बनाई जानी चाहिए।
समिति करेगी आंदोलन की रणनीति तय
प्रदेश कांग्रेस द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति प्रभावित परिवारों से समन्वय बनाकर आगे की रणनीति तैयार करेगी और प्रदेश नेतृत्व को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस इस मुद्दे को प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप देने की तैयारी में है। नकटी का मुद्दा अब केवल पुनर्वास तक सीमित नहीं रह गया है।
बुलडोजर कार्रवाई के बाद यह प्रदेश की सियासत का बड़ा मुद्दा बन चुका है, जहां एक ओर सरकार अपने फैसले का बचाव कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे जनआंदोलन बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।











