नकटी में विधायक कॉलोनी प्रोजेक्ट के खिलाफ अब एक और कांग्रेसी विधायक

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे नकटी (Nakti) गांव में प्रस्तावित विधायक आवास परियोजना के लिए 85 मकानों को तोड़े जाने के बाद कांग्रेस विधायक विरोध में उतर आए हैं। कांग्रेस विधायक जनक लाल ध्रुव और चातुरी नंद के बाद अब बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक कविता प्राण लहरे ने भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर नकटी में विधायक कॉलोनी के लिए प्रस्तावित जमीन के स्थान पर किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर जमीन आवंटित करने की मांग की है।

1 जुलाई 2026 को लिखे गए इस पत्र में विधायक कविता प्राण लहरे ने कहा है कि नकटी में विधायक कॉलोनी के लिए भूमि आवंटन का स्थानीय ग्रामीण, किसान और जनप्रतिनिधि लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि गांव में कॉलोनी बनने से लोगों के घर-द्वार, खेती-किसानी, आजीविका और वर्षों से बसे जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

पत्र में उन्होंने लिखा है कि एक जनप्रतिनिधि और महिला होने के नाते वह ग्रामीणों की पीड़ा और भावनाओं को समझती हैं। विकास जरूरी है, लेकिन ऐसा विकास नहीं होना चाहिए जिससे लोगों के अधिकार, सम्मान और जीवन प्रभावित हों। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि विधायक कॉलोनी के लिए नवा रायपुर या किसी अन्य उपयुक्त, सुगम और विवाद रहित स्थान पर जमीन आवंटित की जाए, ताकि किसी को विस्थापन का सामना न करना पड़े।

विधायक ने यह भी कहा है कि सरकार के पास ऐसे कई वैकल्पिक स्थान उपलब्ध हो सकते हैं, जहां विधायक आवास परियोजना का निर्माण बिना किसी सामाजिक विवाद के किया जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से नकटी में प्रस्तावित भूमि आवंटन पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।

गौरतलब है कि 26 जून से अतिक्रमण हटाने के नोटिस के बाद से कांग्रेस में इस मामले को लेकर चुप्पी थी। 29 जून को 85 मकानों को जमीदोज करने के 24 घंटे बाद कांग्रेस नकटी गांव के समर्थन में आई। 30 जून को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेसी नकटी गांव पहुंचे थे।

गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस विधायक जनक लाल ध्रुव और चातुरी नंद भी नकटी में विधायक आवास परियोजना का विरोध कर चुके हैं। वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव राजेश तिवारी ने भी पार्टी विधायकों से नकटी में प्रस्तावित प्लॉट स्वीकार नहीं करने की अपील की थी। अब कविता प्राण लहरे के पत्र के सामने आने के बाद इस मुद्दे पर कांग्रेस के भीतर असहमति और अधिक स्पष्ट होती दिखाई दे रही है।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related Stories