रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और त्रि-स्तरीय पंचायत उपचुनावों (Chhattisgarh urban body by-elections) के नतीजे गुरुवार को घोषित कर दिए गए। नगर पंचायत अध्यक्ष के पांच पदों में भारतीय जनता पार्टी ने तीन और कांग्रेस ने दो सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं 71 पार्षद पदों में भाजपा को 39, कांग्रेस को 30 और दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। पंचायत चुनावों में वार्ड पंच, सरपंच और जनपद सदस्य के कुल 151 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ।
नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा ने बम्हनीडीह (जांजगीर-चांपा), शिवनंदनपुर (सूरजपुर) और सहसपुर लोहारा (कवर्धा) में जीत हासिल की। वहीं कांग्रेस ने पलारी (बालोद) और घुमका (राजनांदगांव) में अध्यक्ष पद अपने नाम किया।
उधर, शहरी निकायों के उपचुनाव में कांग्रेस ने महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की। जगदलपुर नगर निगम के इंदिरा वार्ड में कांग्रेस प्रत्याशी रामकृष्ण तिवारी ने भाजपा के मनोहर दत्त तिवारी को 436 मतों से पराजित किया। मनोहर दत्त तिवारी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के करीबी माने जाते हैं। यह वार्ड लंबे समय से कांग्रेस का गढ़ रहा है।
वहीं बिलासपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 29 (संजय गांधी नगर) में कांग्रेस प्रत्याशी शेख आजम ने भाजपा के मधुसूदन राव को 1062 वोटों से हराया। यह वार्ड भी पिछले कई दशकों से कांग्रेस के प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है।
नगर पंचायतों की बात करें तो घुमका में कांग्रेस की फूलमती वर्मा 85 मतों से जीतकर पहली नगर पंचायत अध्यक्ष बनीं, जबकि वार्डों में भाजपा को बढ़त मिली। पलारी में कांग्रेस प्रत्याशी यानेश साहू ने भाजपा के लखन लाल गुरूपंच को 506 वोटों से हराकर अध्यक्ष पद जीता और परिषद में भी कांग्रेस को बहुमत मिला।
दूसरी ओर सहसपुर लोहारा में भाजपा की सरिता संतोष मिश्रा ने कांग्रेस प्रत्याशी रोशन वैष्णव को 762 वोटों से हराया। वहीं बम्हनीडीह में भाजपा प्रत्याशी रमेश डड़सेना 889 मतों से विजयी रहे और परिषद में भी भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला।
नतीजों के बाद कांग्रेस ने इसे भाजपा सरकार के खिलाफ जनमत बताया। पूर्व विधायक Vikas Upadhyay ने कहा कि उपचुनाव परिणाम साबित करते हैं कि जनता का भरोसा भाजपा सरकार से उठ रहा है। वहीं भाजपा नेताओं ने परिणामों की समीक्षा कर आगामी चुनावों के लिए संगठन को और मजबूत करने की बात कही है।
हालांकि कुल मिलाकर अध्यक्ष पदों पर भाजपा ने बढ़त बनाए रखी, लेकिन बिलासपुर और जगदलपुर जैसे महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्रों में कांग्रेस की जीत ने राज्य की राजनीति में नए संकेत जरूर दिए हैं।








