भारतमाला घोटाले में ED का एक और भाजपा नेता के घर छापा, दुर्ग में चतुर्भुज राठी निशाने पर, बिलासपुर में सराफा कारोबारी के ठिकानों पर रेड

Bharatmala Scam

रायपुर। भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाले (Bharatmala Scam) की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ में एक और बड़ी कार्रवाई की। ईडी की टीम ने दुर्ग में कारोबारी और भाजपा नेता चतुर्भुज राठी के ठिकानों पर दबिश दी। राठी अमर इंफ्रा ग्रुप के संचालक बताए जाते हैं।

सूत्रों के मुताबिक ईडी के आधा दर्जन से अधिक अधिकारी सुबह दुर्ग पहुंचे और महेश कॉलोनी स्थित राठी के निवास व कार्यालय में जांच शुरू की। टीम वित्तीय दस्तावेज, निवेश रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य खंगाल रही है। बताया जा रहा है कि अमर इंफ्रा समूह की आधा दर्जन से अधिक फर्में जांच के दायरे में हैं।

राज्य में निर्माणाधीन भारतमाला परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीनों के मुआवजे में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक परियोजना मार्ग से जुड़े क्षेत्रों में नेताओं, अधिकारियों और उनके करीबी लोगों ने रिश्तेदारों के नाम पर जमीन खरीदी। बाद में उन्हीं जमीनों पर भारी मुआवजा लिया गया।

जानकारी के अनुसार, भाजपा, कांग्रेस और अन्य दलों से जुड़े कई नेताओं के नाम जांच में सामने आए हैं। ईडी इनकी भूमिका की पड़ताल कर रही है।

साथ ही 12 जिलों के तत्कालीन कलेक्टरों की भूमिका भी जांच के घेरे में बताई जा रही है। इनमें रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, धमतरी और कोरबा समेत कई जिलों के अधिकारियों के नाम सामने आए हैं।

आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने पहले इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। जांच के बाद तत्कालीन एसडीएम निर्भय साहू समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें पटवारी, राजस्व निरीक्षक, प्रॉपर्टी डीलर और किसान भी शामिल बताए गए थे।

ईडी अब इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध निवेश, कमीशनखोरी और संपत्ति अर्जन के एंगल से जांच कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

शराब घोटाले के फरार आरोपी के करीबियों के घर भी छापा

दूसरी ओर बिलासपुर में बड़े सराफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के घर और सदर बाजार स्थित श्री राम ज्वेलर्स पर भी ईडी ने छापा मारा। यहां 10 से अधिक अधिकारियों की टीम जांच में जुटी रही।

बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई शराब घोटाले के फरार आरोपी विकास अग्रवाल से जुड़े सिंडिकेट की जांच के सिलसिले में की गई। विकास अग्रवाल को अनवर ढेबर का करीबी बताया जाता है।

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दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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