क्‍या थी वेदांता पावर प्लांट हादसे में हादसे की वजह? अब तक 20 मजदूरों की मौत

Vedanta Power Plant Accident

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंगीतराई में मंगलवार वेदांता पावर प्लांट में हुए हादसे में मरने वाले मजदूरों की संख्‍या बढ़कर 17 हो गई।  इस हादसे में चार मजदूरों की मौके पर ही जान चली गई थी, जबकि बाकी की मौत अस्पतालों में इलाज के दौरान हुई। इनमें 6 मजदूर रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में, 5 जिला अस्पताल रायगढ़ में और 2 रायपुर के कालड़ा अस्पताल में दम तोड़ चुके हैं।

रात नौ बजे के बाद दो और मजदूरों की मौत होने से कुल मृतकों की संख्‍या बढ़कर 20 हो गई।

औद्योगिक सुरक्षा विभाग के अधिकारी के अनुसार, आज सुबह रायगढ़ के एक अस्पताल में एक और मजदूर की मौत हुई, वहीं रायपुर के अस्पताल में दो अन्य मजदूरों ने इलाज के दौरान आखिरी सांस ली।

घटना में घायल हुए 18 अन्य मजदूरों में से 4 अभी भी रायपुर के अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 14 का इलाज रायगढ़ के विभिन्न अस्पतालों में जारी है।

कैसे हुआ हादसा ?

बॉयलर से कनेक्ट रहने वाले रिंग हैडर

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह दुर्घटना बॉयलर से टरबाइन की ओर हाई-प्रेशर भाप ले जाने वाली ट्यूब के रिसाव और फटने के कारण हुई।

यूनिट-1 में दोपहर करीब 2:30 बजे हुए इस विस्फोट में अत्यधिक गर्म भाप और ऊर्जा की भारी मात्रा बाहर निकल आई, जिसकी वजह से प्लांट में मौजूद कई कर्मचारी बुरी तरह झुलस गए। हादसे की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दे दिया है। इस जांच की जिम्मेदारी बिलासपुर संभाग के कमिश्नर को सौंपी गई है।

साथ ही सक्ती के कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने डभरा के एसडीएम को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच टीम को 30 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें यह साफ किया जाएगा कि दुर्घटना किसी तकनीकी कमी के कारण हुई या फिर किसी की लापरवाही से।

वेदांता कंपनी के प्रबंधन ने प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। इसमें मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, एक नौकरी और घायलों को 15 लाख रुपये देने की घोषणा की गई है। कंपनी घायलों का सम्पूर्ण इलाज कराएगी, उनके वेतन जारी रखेगी और जरूरी काउंसलिंग की भी व्यवस्था करेगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से भी मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।

हादसे में मृत मजदूरों के नाम

इस हादसे में छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के सबसे ज्‍यादा पांच-पांच की जान गई। झारखंड के तीन, उत्तर प्रदेश और बिहार के दो दो मजदूरों ने दम तोड़ दिया है।

छत्तीसगढ़

  • अमृत लाल पटेल – मंझापारा, डभरा, सक्ती
  • थंडा राम लहरे – मालखरौदा, सक्ती
  • उधव सिंह यादव – रायगढ़
  • रामेश्वर महिलांगे – जांजगीर–चांपा
  • नदीम अंसारी – सक्ती

पश्चिम बंगाल

  • सुसांत जना – पूर्व मेदिनीपुर
  • शेख सैफुद्दीन – हल्दिया
  • मनस गिरी – पूर्व मेदिनीपुर
  • कार्तिक महतो – पुरुलिया
  • शिबनाथ मुर्मू – पुरुलिया

झारखंड

  • तरुण कुमार ओझा – सिंदरी, धनबाद
  • अब्दुल करीम – झारखंड
  • अशोक परहिया – पलामू

उत्तर प्रदेश

  • पप्पू कुमार – सोनभद्र
  • बृजेश कुमार – सोनभद्र

बिहार

  • रितेश कुमार – सोनबर्शा, भागलपुर
  • आकिब खान – दरभंगा

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now