Noida Protest : उत्तर प्रदेश के नोएडा में होजरी फैक्टरियों के हजारों कर्मचारियों का वेतन बढ़ोतरी और बेहतर सुविधाओं की मांग वाला प्रदर्शन सोमवार को उग्र रूप ले लिया। सेक्टर 60, 62 और आसपास के इलाकों में कर्मचारियों ने सड़कें जाम कर दीं, पत्थरबाजी की और कई जगहों पर गाड़ियों में आग लगा दी। पुलिस को स्थिति संभालने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।
क्यों भड़का गुस्सा?
मामला शुरू हुआ हरियाणा सरकार के एक फैसले से। हरियाणा ने अप्रैल 2026 से फैक्टरी और उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में 35% की बढ़ोतरी कर दी। अ
कुशल कर्मी: पहले ≈ ₹11,274 → अब ≈ ₹15,220 प्रति माह
कुशल कर्मी: पहले ≈ ₹13,000 → अब ≈ ₹18,500
उच्च कुशल: पहले ≈ ₹14,000 → अब ≈ ₹19,400
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कर्मचारियों ने कहा कि उनके वेतन हरियाणा से काफी कम हैं। यहां अकुशल कर्मी को अभी भी लगभग ₹11,313 और कुशल को ₹13,940 के आसपास मिल रहा है। दैनिक मजदूरी भी हरियाणा (₹585-747) की तुलना में नोएडा (₹435-536) में कम है। बढ़ती महंगाई, एलपीजी सिलेंडर जैसी जरूरी चीजों के दाम और लंबे काम के घंटों के बावजूद कम वेतन से कर्मचारियों में भारी असंतोष फैल गया।
नोएडा में कर्मचारियों के वेतन बढ़ोतरी वाले प्रदर्शन के दौरान सोमवार को गोलीबारी की घटना सामने आई। ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के दौरान एक महिला कर्मी को दो गोली लग गई। बिहार की रहने वाली इस महिला को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गोली लगने की घटना के बाद प्रदर्शनकारियों का आक्रोश और बढ़ गया।डीएम मेधा रूपम ने श्रमिकों के आंदोलन के बीच शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। डीएम ने कहा कि श्रमिकों की सुविधा के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। श्रमिक वेतन संबंधी अन्य समस्याओं की शिकायत 120-2978231, 120-2978232, 120-2978862, 120-2978702 पर कर सकते हैं। कंट्रोल रूम में आने वाली शिकायत का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। डीएम ने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का दावा किया है। औद्योगिक इकाइयों को सरकार से मिले सभी आदेशों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत भी डीएम ने दी है।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें
न्यूनतम वेतन हरियाणा के बराबर बढ़ाया जाए
ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान
साप्ताहिक छुट्टी (वीकली ऑफ) सुनिश्चित हो
त्योहारों पर बोनस
नौकरी की सुरक्षा – मनमानी छंटनी पर रोक
टॉयलेट, पीने का पानी, सेफ्टी समिति जैसी बुनियादी सुविधाएं
समय पर सैलरी स्लिप और वेतन भुगतान
घटनाक्रम कैसे बढ़ा?
शुक्रवार-शनिवार: प्रदर्शन शांतिपूर्ण शुरू हुआ लेकिन सूरजपुर-दादरी रोड पर चक्का जाम और पत्थरबाजी के बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
रविवार: नोएडा डीएम, श्रम विभाग और उद्योग प्रतिनिधियों की बैठक हुई। प्रशासन ने वेतन समय पर देने, ओवरटाइम डबल देने और साप्ताहिक छुट्टी सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए।
सोमवार: रविवार के आश्वासनों के बावजूद हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन हिंसक हो गया। कर्मचारियों ने पुलिस जीप समेत कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। भारी ट्रैफिक जाम लगा, खासकर सेक्टर 62, एनएच-9 और आसपास के इलाकों में।
नोएडा डीएम मेधा रूपम ने कंपनियों को श्रम कानूनों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया और कर्मचारियों से शांति बनाए रखने की अपील की।
नए श्रम कानून क्या कहते हैं?
केंद्र सरकार ने 21 नवंबर 2025 से चार नए श्रम कोड लागू कर दिए हैं। इनमें पुराने 29 कानूनों को मिलाकर कर्मचारियों के अधिकारों को मजबूत किया गया है, इसके अंतर्गत वेतन और न्यूनतम मजदूरी राष्ट्रीय फ्लोर वेज तय होगा। सभी राज्यों को उससे कम वेतन नहीं देना होगा। समय पर वेतन देना अनिवार्य है, 8 घंटे से ज्यादा काम पर दोगुना भुगतान। कर्मचारी की सहमति जरूरी। 30 दिन काम करने वाले कर्मचारियों को 8.33% से 20% तक बोनस। 10 या उससे ज्यादा कर्मचारियों वाली फैक्ट्री में सेफ्टी कमिटी बनानी होगी। टॉयलेट, रेस्ट रूम, पीने का पानी जैसी सुविधाएं अनिवार्य। कुल सैलरी का कम से कम 50% बेसिक में रखना होगा (ईपीएफ और पेंशन के लिए)। फुल एंड फाइनल सेटलमेंट 2 दिनों में करना होगा।
कानून में सब कुछ साफ है, लेकिन कई कंपनियां अभी भी इनका पूरा पालन नहीं कर रही हैं। यही मुख्य कारण है कि कर्मचारी सड़कों पर उतरे हैं। प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। गौतमबुद्ध नगर के कई इलाकों में ट्रैफिक प्रभावित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अधिकारियों को 24 घंटे में समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए थे।











