IRIS Deena पर अटैक के बाद दूसरा ईरानी युद्धपोत श्रीलंका की ओर, फिर से हमला होने की आशंका

Iran Vs Israel-America war: ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध अब हिंद महासागर तक फैल गया है। अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी फ्रिगेट IRIS Dena को श्रीलंका के तट के पास टॉरपीडो से डुबोए जाने के ठीक एक दिन बाद, एक दूसरा ईरानी युद्धपोत श्रीलंका की ओर बढ़ रहा है। श्रीलंकाई अधिकारियों ने संसद को बताया कि यह जहाज श्रीलंका के क्षेत्रीय जल (territorial waters) के ठीक बाहर है और इसमें 100 से ज्यादा क्रू मेंबर्स सवार हैं।

IRIS Dena पर हमला

बुधवार को अंतरराष्ट्रीय जल में (श्रीलंका के दक्षिणी तट से करीब 40 नॉटिकल माइल दूर) अमेरिकी पनडुब्बी ने इस फ्रिगेट को टॉरपीडो से डुबो दिया। यह जहाज भारत के MILAN 2026 नेवल एक्सरसाइज से लौट रहा था। श्रीलंका की नौसेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, जिसमें 87 शव बरामद हुए, 32 नाविकों को बचाया गया और करीब 60 लोग अभी भी लापता हैं। कुल क्रू मेंबर्स लगभग 130-180 बताए जा रहे हैं।

अमेरिका का दावा

US डिफेंस सेक्रेटरी पेट हेगसेथ ने पेंटागन ब्रिफिंग में कहा ‘अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो से डुबोया, जो सोचता था कि अंतरराष्ट्रीय जल में सुरक्षित है। यह WWII के बाद दुश्मन जहाज को टॉरपीडो से डुबोने की पहली घटना है।’ उन्होंने इसे ‘Quiet death’ बताया।

दूसरा ईरानी जहाज

गुरुवार को श्रीलंकाई मंत्री नलिंदा जयतिस्सा ने संसद में कहा कि दूसरा ईरानी युद्धपोत श्रीलंका के EEZ (Exclusive Economic Zone) में है और सरकार से तत्काल पोर्ट कॉल की अनुमति मांग रहा है लेकिन अभी क्लियरेंस नहीं मिली। कुछ रिपोर्ट्स में चेतावनी दी कि इसे भी IRIS Dena की तरह निशाना बनाया जा सकता है।

श्रीलंका की प्रतिक्रिया

मंत्री ने कहा, ‘हम जिंदगियां बचाने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं।’ राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिस्सानायके अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। नौसेना सर्च ऑपरेशन जारी रखे हुए है। श्रीलंका ने ईरान से शवों को सौंपने की तैयारी की है और न्यूट्रल रहने की कोशिश कर रहा है।

ईरान का रुख

ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने X पर कहा ‘अमेरिका ने 2000 मील दूर अंतरराष्ट्रीय जल में अत्याचार किया है। IRIS Dena भारत की मेहमान थी। अमेरिका को इसकी कड़वी सजा भुगतनी पड़ेगी।’ ईरान ने इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर नए हमले किए हैं।

यह घटना युद्ध को मिडिल ईस्ट से हिंद महासागर तक फैला रही है, जहां पहले खाड़ी में तेल टैंकरों पर हमले हो रहे थे। श्रीलंका और भारत दोनों के लिए ये चिंता का विषय है। लेकिन स्थिति तेजी से बिगड़ रही है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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